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इंटरनेट चलाये अनिद्रा दूर भगाये

ऐसा कहा जा सकता है की इंटरनेट पर इंसान की सभी परेशानियों  का हल मौजूद  है। जो लोग अनिद्रा  की बीमारी से परेशान हैं, उनके लिए भी इंटरनेट बहुत लाभदायक  साबित हो सकता है। एक नए अध्ययन से पता चला है कि अनिंद्रा से परेसान लोग दवा पर पैसा खर्च किए बगैर अच्छी नींद भर सकते हैं।

अमेरिका  की एक कंपनी ने इंटरनेट आधारित एक प्रोग्राम विकसित किया है, जिसका नाम (स्लीप हेल्थी यूजिंग दी इंटरनेट) या SHUTi (शुति) है। कंपनी के पार्टनर और स्टडी के प्रमुख  ने बताया, ‘जिनलोगों ने इस प्रोग्राम में हिस्सा लिया, उनको अनिद्रा की  समस्या को दूर करने में काफी मदद मिली।’

छह हफ्ते के इस प्रोग्राम में पहले ऐसे  200 वयस्कों को शामिल किया गया, जो बुरी तरह अनिंद्रा की समस्या से ग्रसित थे। उनके प्रोग्राम में हिस्सा लेने के आठ  हफ्ते बाद प्रोग्राम के असर का मूल्यांकन किया गया। एक साल के बाद शुति में भाग लेने वाले 10 में से 7 लोगों के सोने के पैटर्न में बड़ा बदलाव आया और 57 फीसदी लोगों को अनिंद्रा की समस्या पूरी तरह खत्म हो गई। इस प्रोग्राम में कॉग्निटिव बिहेवियर थेरपी का इस्तेमाल किया गया।

क्या है कॉग्निटिव बिहेवियर थेरपी?

कॉग्निटिव बिहेवियर थेरपी (सीबीटी) में एक मनुष्य  के विचार, भावना और व्यवहार में सुधार लाया जाता है। सीबीटी के दौरान एक थेरपिस्ट सक्रिय रूप से मरीज के सोच, व्यवहार और अहसास के पैटर्न में क्या अस्वस्थ तरीका है, उसका पता लगाता है। उसके बाद थेरपिस्ट उस चीज को दूर करने की दिशा में काम करता है। लेकिन सीबीटी के लिए पर्याप्त संख्या में थेरपिस्ट के मौजूद न होने और इसे ज्यादा खर्चीला उपचार होने के कारण लोग सीबीटी की मदद नहीं ले पाते हैं।

शुति प्रोग्राम में इस बात को मद्देनजर रखते हुए इंटरनेट पर ही बगैर किसी मदद के सीबीटी की सुविधाउपलब्ध  करा दी गई है यानी मरीज को अलग से थेरपिस्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी। इंटरनेट की मदद से मनुष्य यह  समझ सकता है कि उनके साथ क्या गलत है और उसे कैसे दूर किया जाए।

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