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क्यूएनबी ग्रुप: सरकारी प्रोत्साहन कम कर दिए जाने से विकास की रफ्तार कम होने की उम्मीद

क्यूएनबी ग्रुप (QNB Group) ने अपनी चाइना इकनोमिक इनसाइट 2016 रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में हाल की प्रगति और चीनी अर्थव्यवस्था के आउटलुक की जांच की गई है क्योंकि बढ़ते कॉरपोरेट खर्चों और संपत्ति की बढ़ती कीमत सरकार को मजबूर करती है कि प्रोत्साहन को कम किया जाए।

वास्तविक डीजीपी (% परिवर्तन, साल के मुकाबले साल)

हाल के वर्षों में वास्तविक जीडीपी का विकास अचानक कम हुआ है और निजी निवेश में वृद्धि धीमी होने तथा कमजोर बाहरी मांग होने से सरकार जननिवेश और आसान मौद्रिक नीति के जरिए अर्थव्यवस्था की सहायता के लिए प्रेरित हुई है।

उम्मीद की जाती है कि विकास की रफ्तार 2016 के 6.7% से कम होकर 2018 में 6.1% रह जाएगी क्योंकि बढ़ते कॉरपोरेट कर्ज तथा संपत्ति की बढ़ती कीमतों के कारण सरकार प्रोत्साहनों को कम करने के लिए मजबूर हुई है।

उम्मीद की जाती है कि मौजूदा सरप्लस 2016 में जीडीपी के 2.1% से कम होकर 2017 में 1.0% रह जाएगा। मुख्य रूप से ऐसा निर्यात में कमी के परिणामस्वरूप होगा पर 2018 में रीकवर करके 1.3% हो जाएगा क्योंकि निवेश कार्यक्रमों से संबद्ध आयात कम होगा।

2016 में ट्रेड वेटेड बास्केट ऑफ करंसीज के मुकाबले 7% के करीब कमजोर होने के बाद हम उम्मीद करते हैं कि अधिकारी सीएनवाई 2017-18 में मोटा-मोटी स्थिरता कामय रखेंगे।

स्थिर मुद्रा को अंतरराष्ट्रीय रिजर्व के ड्रॉडाउन में सहायता करना चाहिए ताकि यह ठीक-ठाक हो जाए और हम उम्मीद करते हैं कि रिजर्व आयात कवर के 15 महीने से ज्यादा स्थिर रहेगा।

हम उम्मीद करते हैं कि 2016 में बजट घाटे का रहेगा और यह बढ़ेगा मुख्य रूप से सरकारी राजस्व कम होने के कारण क्योंकि अधिकारियों ने टैक्स में नई छूट लागू की है और इससे कारोबार करने की लागत कम होगी।

2017 में खपत के समर्थन वाले उपायों जैसे सामाजिकसुरक्षा पर खर्च, बढ़ने की उम्मीद है तथा इससे घाटे में और वृद्धि की उम्मीद है।

2017-18 में हम उम्मीद करते हैं कि कर्ज के बढ़ते स्तर की जरूरतें पूरी करने के लिए हम सार्वजनिक निवेश में कमी की उम्मीद करते हैं (जनता का कर्ज बढ़कर 2018 में जीडीपी का 51.2% होने की उम्मीद है जो 2016 में 45.8% है।)

जीडीपी की वृद्धि की दर कम होने से उम्मीद की जाती है कि जमा दर में वृद्धि में कमी होगी जबकि कर्ज में वृद्धि तेज बनी हुई है तथा पूंजी का प्रवाह पढ़ेगा जबकि कर्ज में वृद्धि भी तेज होगी नतीजतन तरलता कम होगी।

उम्मीद की जाती है कि कर्ज में वृद्धि ठीक होगी पर 2017-18 में ज्यादा होगी क्योंकि मौद्रिक नीति सख्त है इसलिए जननिवेश और तरलता बाधाओं में कमी आएगी।
अर्थव्यवस्था में मंदी आने पर एनपीएल बढ़ने से लाभदेयता में कमी आने की संभावना है पर उम्मीद की जाती है कि अधिकारी शैडो बैंकिंग को नियंत्रित करेंगे और पूंजीकरण को अपेक्षाकृत मजबूत रहना चाहिए।

क्यूएनबी इकनोमिक इनसाइट की हाल की अन्य रिपोर्ट में भारत, इंडोनेशिया, जोर्डन, किंगडम ऑफ सउदी अरबिया, कुवैत, ओमान, कतर, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात तथा वियतनाम आदि क्यूएनबी ग्रुप के वेबसाइट (QNB Group website) पर उपलब्ध हैं। क्यूएनबी ग्रुप तीन महादेशों में 30 से ज्यादा देशों में काम करता है और इसकी आर्थिक रिपोर्ट से इन बाजारों की इसकी जानकारी आगे बढ़ती है जिससे ग्राहकों और काउंटर पार्टियों को अतिरिक्त मूल्य मुहैया कराए जा सकें।

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