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सेनवियॉन ने भारत में 500 मेगावाट से ज्यादा के लिए फर्म फ्रेमवर्क हासिल किया

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मुम्बई (एजेंसी): पवन टर्बाइन की अग्रणी अंतरराष्ट्रीय निर्माता सेनवियॉन ने भारत में अपना पहला ठेका पूरा किया है। यह 220 सेनवियॉन टर्बाइन की आपूर्ति के लिए है जो कुल मिलाकर 50 मेगावाट (एमडब्ल्यू) से ज्यादा के लिए है और यह बड़े भारतीय आईपीपी में से एक के साथ दृढ़ फ्रेमवर्क करार के तहत है। 220 टर्बाइन में हाल में अधिग्रहित केनरसिस पोर्टफोलियो के टर्बाइन भी होंगे। इनके संस्थापन की शुरुआत 2017 की चौथी तिमाही से 2019 तक करने की योजना है। पहला साइट 2017 के अंत तक चालू कर दिया जाएगा। एक बार जब पूरे फ्रेमवर्क करार की डिलीवरी हो जाएगी तो पर्याप्त हरित उर्जा का उत्पादन होगा जिससे भारत के सात लाख घरों की बिजली की आवश्यकता पूरी होगी। भारत में एक सेनवियॉन सर्विस सेंटर की स्थापना की जा चुकी है और यह 10 साल तक टर्बाइन के रख-रखाव के लिए जिम्मेदार होगा।

सेनवियॉन के सीईओ जरगेन गेइसिन्जर ने कहा,: “इस साल के शुरू में हमलोगों ने भारतीय बाजार में प्रवेश करने का एलान किया था। अब हमें इस फर्म फ्रेमवर्क करार की पेशकश करते हुए गर्व हो रहा है जो भविष्य के लिए मजबूत सहयोग की शुरुआत है। इस करार से भारत में हमारे नियोजित विकास का पता चलता है।”

सेनवियॉन इंडिया के प्रबंध निदेशक अमित कंसल ने कहा, “सेनवियॉन के लिए यह करार एक उपलब्धि है। अपनी तकनालाजी से हम भारत के अक्षय उर्जा लक्ष्य हासिल करने में योगदान करने के लिहाज से अच्छी स्थिति में है। इसके साथ-साथ हम पवन ऊर्जा का एलसीओई कम करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं और अपने ग्राहकों के साथ मजबूत संबंध बना रहे हैं।”

सेनवियॉन की भारतीय सहायिका ने मुंबई में अपने परिचालन की शुरुआत फरवरी 2016 में की थी और इसने बिक्री, परियोजना तथा सर्विस की मजबूत टीम स्थापित की है। इसके अलावा, अगस्त 2016 में सेनवियॉन ने भारतीय विन्ड टर्बाइन निर्माता केनरसिस की परिसंपत्तियों का अधिग्रहण कर लिया। विन्ड टर्बाइन्स के100 (2.6 मेगावाट), के110 (2.4 मेगावाट). के110+ (2.6 मेगावाट) और के120 (2.3 एमडब्ल्यू) नियोजित अधिग्रहण के भाग हैं।

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