Breaking News
Home / देश / विश्लेषण: इस तरह तो मुश्किल हो जाएगा 2019 में 300+ सीटें जीतने का सपना

विश्लेषण: इस तरह तो मुश्किल हो जाएगा 2019 में 300+ सीटें जीतने का सपना

उत्तर प्रदेश में फूलपुर और गोरखपुर सीट पर उपचुनाव में बीजेपी की करारी हार ने सबको चौंका दिया है। इस हार से केंद्रीय नेतृत्व में चिंता बढ़ गई है। इन चुनावों में सबसे बड़ी बात यह थी कि यह दोनों सीटें बीजेपी का गढ़ थीं। दोनों सीटें मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (गोरखपुर)और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (फूलपुर) यहीं से जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। लेकिन, दोनों ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बनने के बाद सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था। दोनों सीटें खाली होने से यहां उपचुनाव हुए थे।

Loading...

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी जहां 2019 चुनाव में 300+सीटों का टारगेट लेकर चल रही है वहीं उपचुनाव के नतीजे कुछ और कहानी कहते हैं। हालांकि, त्रिपुरा में भाजपा ने शानदार जीत दर्ज की। राजस्थान की दो संसद सीटों पर हुए उपचुनाव हों या महाराष्ट्र के बोर्ड चुनाव, मध्यप्रदेश में निकाय और विधानसभा की दो सीट पर उपचुनाव या हाल ही में राजस्थान में निकाय चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है।

अब यूपी की बीजेपी वर्चस्व वाली दो लोकसभा सीटों पर पार्टी की हार खतरे की घंटी है। बीजेपी की यह हार कहीं ना कहीं इस और इशारा करती है कि केंद्र की सत्ता में बीजेपी की पकड़ ढीली होती जा रही है। बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को आत्मचिंतन की जरूरत है, नहीं तो 2019 चुनाव में 300+ सीट का सपना देख रही बीजेपी के लिए यह दूर की कौड़ी साबित होगा।

ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए नवयुग सन्देश (बिज़नेस सन्देश ग्रुप) का हिंदी न्यूज़ मोबाइल ऐप डाउनलोड करें ( यहाँ क्लिक करें)

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *