Breaking News
Home / ट्रेंडिंग / दिल्ली-NCR में बिजली ना होने पर डीजल से नहीं चला सकेंगे जेनरेटर

दिल्ली-NCR में बिजली ना होने पर डीजल से नहीं चला सकेंगे जेनरेटर

दिल्ली-एनसीआर में डीजल जेनरेटर पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जा सकता है। डीजल जेनरेटर हवा को दूषित कर रहे हैं। इसलिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय तथा केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय सहित कई एजेंसियों ने केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट सौपते हुए दिल्ली-एनसीआर में डीजल जेनरेटर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है।मोबाइल टावर के लिए भी अब डीजल जेनरेटर का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए PNG कनेक्शन लेना जरूरी होगा। फिलहाल केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस रिपोर्ट का अध्ययन कर रहा है। केंद्र सरकार जल्दी ही इस दिशा में काम शुरू कर सकती है।इस रिपोर्ट में waste food से भी बिजली बनाने की तकनीक विकसित करने की बात कही गई है। इससे बर्बाद हो रहे खाने का भी सही उपयोग होगा।

Loading...

सिफारिश की गई कि शहरी क्षेत्रों के 100 फीसद घरों में PNG और ग्रामीण क्षेत्रों के 100 फीसद घरों में LPG सप्लाई हो। इससे घरों में मिट्टी के तेल, उपले, लकड़ी आदि के प्रयोग पर रोक लगेगी। मिट्टी के तेल को घरेलू इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगे और BPL परिवारों को एलपीजी व पीएनजी के लिए सब्सिडी दी जाए। साथ ही उन्हें कर में भी 100 फीसद छूट दी जाए।स्वच्छ ईंधन को सस्ता बनाने के लिए इसकी प्रणाली में भी सुधार की सिफारिश की गई है। समिति ने कहा है कि एलएनजी और पीएनजी पेट कोक और फर्नेस ऑयल की तुलना में महंगी महंगी है जो की अधिक कर लगाने के कारण है। NCR में गैस आधारित ऊर्जा उत्पादन के लिए कस्टमर ड्यूटी में छूट, पाइपलाइन दरों में कमी और ट्रांसमिशन चार्ज में कटौती की जानी चाहिए। organic waste से भी बिजली बनाई जानी चाहिए। स्ट्रीट लाइट और कूकिंग गैस में बायो गैस का प्रयोग होना चाहिए। होटल, रेस्तरां आदि में कोयले की खपत कम करने के लिए PNG की आपूर्ति होनी चाहिए।

बॉल टेंपरिंग विवादों के बाद राष्ट्रमंडल खेलों ने ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठा फिर से कायम की

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *