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भारतीय भाषाओं में होनी चाहिए शिक्षा प्रणाली: उपराष्ट्रपति

देश के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने हिन्दी सहित भारतीय भाषाओं में शिक्षा देने की वकालत करते हुए कहा कि देश के सभी पाठ्यक्रमों की शिक्षा भारतीय भाषाओं में देने वाली शिक्षा प्रणाली होना चाहिये।

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माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा, ‘‘भारत के उपराष्ट्रपति के नाते और साथ ही साथ एक नागरिक के नाते मेरा यह विचार है कि आने वाले दिनों में देश में सभी कोर्सस चाहे वह मेडीसीन हो, इंजीनियभरग हो, तकनीकी हो, हिन्दी और सब भारतीय भाषाओं में होना चाहिये। पूरे देश में शिक्षा प्रणाली भारतीय भाषा में होना चाहिये। हमें इस पर जोर देना चाहिये। इसमें बहुत देर हो चुकी है, लेकिन यह आवश्यक है।’’

उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रयास करने की इच्छा होनी चाहिये और इसके लिये मानसिकता में परिवर्तन लाना जरूरी है। नायडू ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 201 विद्याॢथयों को स्नतकोत्तर उपाधि, 39 को एम फिल, 27 को पीएचडी उपाधि और पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिये एम जी वैद्य, अमृतलाल वेगड़ और महेश श्रीवास्तव को मानद उपाधियां प्रदान की। नायडू इस विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष भी हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘भाषा और भावना एक साथ चलती है। अपने मन की बात अपनी भाषा में करना आसान है। मैं अंग्रेजी सीखने के विरूद्ध नहीं हूं, अंग्रेजी सीखना चाहिये। लेकिन उसके पहले हमें हमारी मातृभाषा हिन्दी हो, तेलगू हो, पंजाबी या मराठी हो, सीखना चाहिये।’’

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