अपनाए घरेलू इलाज अगर आप है लो ब्लड प्रेशर के शिकार !

कभी -कभी क्या होता है हमारा रक्तचाप कम हो जाता है जिससे हमें कभी भी बड़ा संकट झेलना पड़ सकता है । इसके यह है कारण – दौर्बल्य, उपवास, भोजन तथा पानी की कमी अर्थात समय पर भोजन नहीं मिलना, शारीरिक तथा मानसिक परिश्रम, इंफ्लूएंजा के पश्चात्, बाँयें निलय के रोग, यक्ष्मा, मानसिक आघात, निपात तथा रक्त बहने आदि के कारणों से यह रोग होता है।
लक्षण
इसमें हमारी नाड़ी यानी नब्ज के चलने की गति धीमी व छोटी हो जाती है, थोड़ी सी मेहनत करने से रोगी थक जाता है। शरीर का दुर्बल हो जाना, आलस आना, अनुत्साह, शक्ति का घटते जाना, पुरानी बातें भूल जाना, मस्तिष्क अवसाद, विस्मृति, थोड़ी-सी मेहनत में चिड़चिड़ापन आना, सिर का दर्द, सिर चकराना आदि लक्षण होते हैं।

आयुर्वेदिक उपचार

निम्न रक्त चाप-सर्पगन्धा का सत तथा शिलाजीत समभाग लेकर दोनों को घोटकर गोलियाँ बना लें सुबह मध्यानः-सायं 1-1 गोली दूध या पानी के साथ लें लें।

दिल बैठता हो, लो-ब्लड प्रेशर हो, दिल बहुत धड़कता हो तो प्रातः बासी मुँह सेब का एक मुरब्बा चाँदी के वर्क के साथ सेवन करें।

आक के फूल और कालीमिर्च बराबर मात्रा में पीसकर आधा ग्राम की गोली बना लें। सुबह-शाम एक गोली खाने से निम्न रक्तचाप में लाभ होगा ,गोली खाने के बाद एक घण्टे तक कुछ न खायें।

लहसुन का रस या तुलसी का रस शहद में मिलाकर लें शहद दुगुनी मात्रा मिलाएं।

हींग के सेवन से रक्त जम नहीं पाता अतः रक्त संचार ठीक रहता है। अतः निम्न रक्तचाप में हींग का सेवन इसमें लाभदायक है।

छाछ का सेवन इसमें लाभदायक है।

निम्न रक्तचाप के रोगी को पोदीने की चटनी या रस में सेंधा नमक, काली मिर्च, किशमिश डालकर सेवन करना चाहिए।

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