अपनाये ये आसान उपाय, गठिए की जांच करवाने के लिए !

हमारे शरीर में जब यूरिक एसिड की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है तो जोड़ो में यूरिक एसिड का क्रिस्टल जमा होने लगता है। इसे अर्थराइटिस या फिर गठिया कहा जाता है। प्रारम्भ में जोड़ो में होने वाला दर्द मामूली समझकर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन धीरे-धीरे इसके बढ़ने से कई सारे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। गठिया के शुरुआती लक्षणों के पहचान कर इसका टेस्ट करवाना बहुत आवश्यक है ताकि समय रहते यह पहचान हो सके की दर्द की वजह गठिया है या कुछ और।

1. ब्लड टेस्ट
आपको बता दे की जोड़ो में होने वाले दर्द के निदान के लिए ब्लड सैंपल का टेस्ट किया जाता है। इससे ब्लड में यूरिक एसिड के सही स्तर का पता चलता है। अगर जांच में यूरिक एसिड का स्तर बहुत ज्यादा है तो गठिया रोग है।

2. यूरीन टेस्‍ट
पेशाब की जांच से भी गठिया रोग का पता लगाया जाता है। इसके लिए सुबह का पहले यूरीन का नमूना लिया जाता है। टेस्ट से पहले किसी भी दवाई का सेवन करने से पूर्ण्तः मना किया जाता है। इस टेस्ट से कंफर्म हो जाता है कि शरीर में यूरिक एसिड की कितनी मात्रा मौजूद है।

3. एक्‍स-रे
आपको बता दे की एक्स रे के माध्यम से गाउट के शुरुआत का पता लगाया जा सकता है। जोड़ो में लगातार सूजन आ रही है तो एक्स रे अवश्य करवाएं।

4. साइनोवियल फ्लड
आपको बता दे की यह पदार्थ शरीर में हड्डियों के चारों तरफ सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण झिल्ली बनाता है। गठिया के जांच में इसका भी सहारा लिया जाता है। सूई की मदद से इस द्रव्य को पूर्ण्तः निकाल कर टेस्ट किया जाता है। जिससे यह पता लग जाता है कि गठिया रोग है की नहीं।