जितना नुकसान कोरोना से नहीं हुआ, उतना पप्पू यादव और जीतन राम मांझी का सिम्बल बदलने से हो गया!

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए चुनाव प्रचार अब जोर पकड़ चुका है। कोरोना के कारण इस बार चुनाव में प्रचार का तरीका अलग है। वर्चुअल रैली तथा सोशल मीडिया का भी खूब प्रयोग हो रहा है।

पटना के MLA फ्लैट्स के पास स्थित चुनाव प्रचार सामग्री के विक्रेता सत्येंद्र नारायण सिंह ने बताया कि इस बार गमछा, मास्क और गंजी का डिमांड बढ़ा है, जबकि झंडा बहुत कम बिक रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी “हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा” का चुनाव चिन्ह बदल गया है जिसके कारण 30 लाख का नुकसान हो गया है। आरजेडी के लोग सबसे ज्यादा चुनाव प्रचार सामग्री खरीदते हैं।

बता दें कि बिहार में इस बार तीन चरणों में चुनाव हो रहा है। 10 नवंबर को नतीजें आएंगे। चुनाव में जेडीयू, बीजेपी और वीआईपी पार्टी एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं तो वही आरजेडी, कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां एक साथ है। एलजेपी इस बार अकेले मैदान में है।

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