साढ़े तीन साल की बेटी को दर्दनाक मौत देने वाली मां को कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा

जुलाई 2017 में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से एक बच्ची के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया था। इस वारदात में साढ़े तीन साल की बच्ची की मां ने उसके जिस्म में चार इंच की सात सुइयां घुसाई थीं।

वारदात के चार साल बाद अब कोर्ट ने बच्ची की मां और तांत्रिक को मौत की सजा सुनाई है। दरअसल मंगला नाम की एक महिला पुरुलिया के नदियारा गांव में रहती थी। उसका पति उसे छोड़कर चला गया था और उसके पास साढ़े तीन साल की एक बेटी थी। इसी गांव में सनातन नाम का 70 साल का बुजुर्ग भी रहता था।

सनातन पूजापाठ करने के अलावा तंत्रमंत्र भी किया करता था। मंगला की बेटी की तबीयत काफी दिन से खराब थी। वो उसे इलाज के लिए तांत्रिक सनातन के पास लेकर गई जिसने बच्ची पर प्रेत का साया बताया और उस पर तंत्रमंत्र करना शुरु कर दिया। इसी तंत्रमंत्र के दौरान सनातन ने बच्ची के जिस्म में चार इंच की सात सुइयां घुसा दीं।

ये सुइयां बच्ची के सीने, पेट और प्राइवेट पार्ट में डाली गई थीं। पूरे मामले तब सामने आया जब गांववालों ने दो हफ्ते से लगातार बच्ची के रोने की आवाज सुनी। बच्ची दो हफ्ते से रो रही थी और चुप ही नहीं हो रही थी। उसकी मां मंगला ने गांववालों को बताया था कि बच्ची को बुखार है और वो इस वजह से रो रही है। गांववालों ने उसे डॉक्टर के पास जाने की सलाह दी थी लेकिन वो बच्ची को लेकर अस्पताल नहीं जा रही थी।

11 जुलाई 2017 को गांववालों ने इस बात की शिकायत पुलिस से कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस पहले बच्ची को पुरुलिया मेडिकल कॉलेज लेकर गई जहां बच्ची की हालत देखकर डॉक्टरों के हाथ पांव फूल गए। पुरुलिया मेडिकल कॉलेज से बच्ची को बांकुरा सम्मिलानी मेडिकल कॉलेज भेजा गया लेकिन वहां से भी बच्ची को SSKM अस्पताल भेज दिया गया।

बच्ची के जिस्म में घुसाई गई सभी सात सुइयों को सर्जरी के बाद निकाल लिया गया लेकिन दस दिन तक मौत से लड़ने के बाद आखिरकार 22 जुलाई 2017 को बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद पुलिस ने बच्ची की मां मंगला को गिरफ्तार कर लिया जबकि तांत्रिक सनातन भागने में कामयाब हो गया। सनातन भागकर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र चला गया जहां पर काफी मशक्कत के बाद उसको पीपरी से गिरफतार किया गया।