वीडियो: कांग्रेस छोड़ने के बाद नेताजी के खिलाफ शुरू हुई साजिश

आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती है। हम आपको उनके जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जो काफी काम लोगों को पता है। नेताजी से जुडी फाइलों के सार्वजनिक किये जाने के बाद कई बड़े खुलासे हुए।

1940 में कांग्रेस छोड़ने के बाद जब नेताजी पहली बार वाराणसी आये थे तब उनके पक्ष में लोगों का समर्थन देखकर कुछ लोग घबरा गए थे।

इसके बाद से ही नेताजी के खिलाफ साजिश शुरू हुई। लोगों ने तो यह तय कर लिया था कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ही उनके नायक हैं।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी 100 फाइल्स को 23 जनवरी को पब्लिक की गई थी। इन फाइलों में से एक फाइल है, जिसमें नेताजी के खजाने का जिक्र है। फाइलों के मुताबिक, खजाने से 7 लाख डॉलर की लूट हुई थी।

जब इस संबंध में पंडित जवाहरलाल नेहरू को जानकारी दी गई तो उन्होंने नजरअंदाज कर दिया था और 1952 में नेहरू यह एलान भी कर दिया कि ताइवान में प्लेन हादसे में नेताजी की मौत हो चुकी है। 1953 में नेहरू ने खजाना लूटने के आरोपी एएस अय्यर को फाइव ईयर प्लान का पब्लिसिटी एडवाइजर बनाया था।