मसूद के भाई के इशारे पर तबाही करना चाहते थे नगरोटा में मारे गए 4 आतंकी

बीते गुरुवार (19 नवंबर) की सुबह जम्मू के नगरोटा में टोल प्लाजा पर आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी। जिसमें सुरक्षाबलों ने चार आतंकवादी ढ़ेर कर दिए थे। सुरक्षाबलों ने माना हैं कि आतंकियों का उद्देश्य एक बड़े हमले करने का था, जिसकी रूप-रेखा सीमा पार से बना ली गई थी।

मामले के जानकारों का कहना हैं कि मारे गए आतंकियों के पास से जीपीएस डिवाइस और मोबाइल फोन मिले हैं। जिनके आधार पर शुरुआती जांच में पता चला हैं कि पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) के ऑपरेशनल कमांडरों मुफ्ती रऊफ असगर और कारी ज़ार के संपर्क में थे।

जांच के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा हैं कि आतंकियों का उद्देश्य घाटी में कहर बरपाने ​​का था। बता दे मुफ्ती असगर जेएम प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र नामित वैश्विक आतंकवादी मसूद अजहर का छोटा भाई है। सूत्रों की मानें तो चारों आतंकी मुंबई हमले की बरसी पर बड़ा हमला करने की प्लानिंग कर रहे थे।

आतंकवादियों के मारे जाने के बाद पीएम मोदी ने शुक्रवार को एक अहम बैठक की। जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अलावा कई अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर सुरक्षाबलों द्वारा आतंकियों की साजिश को नाकाम करने की बात कही।

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