देश के 42 फीसदी उपभोक्ता वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार हुए

डिजिटल लेन-देन में तेजी के साथ ही वित्तीय धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। पिछले तीन साल में 42 फीसदी उपभोक्ता किसी न किसी तरह की वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं। साथ ही इसमें 74 फीसदी ऐसे हैं, जो राशि वापस पाने में असफल रहे। लोकल सर्किल के एक अध्ययन में यह बात सामने आई है।

बैंक खाता में सबसे अधिक धोखाधड़ी

एटीएम कार्ड धोखाधड़ी 08
क्रेडिट-डेबिट कार्ड 18
बैंक खाता 29
बीमा 06
मोबाइल ऐप 12
ई-कॉमर्स 24
अन्य 21
कह नहीं सकते 03
(आंकड़े फीसदी में)
केवल 17 फीसदी उपभोक्ता राशि वापस पाने में सफल

10 फीसदी ने कहा कि संबंधित प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज कराया और राशि वापस मिली
07 फीसदी ने कहा कि संबंधित नियामक के पास शिकायत दर्ज कराया और राशि वापस मिली
36 फीसदी ने कहा कि मामला अभी भी लंबित है
19 फीसदी ने कहा कि कोई उपाय नहीं सूझ रहा
19 फीसदी ने कहा कि शिकायत नहीं दर्ज कराया
09 फीसदी ने कोई राय नहीं दी
क्या है सर्वे में खास

इसमें तीन श्रेणी में कुल 32 हजार लोगों से उनकी राय ली गई है। इसमें देश के 301 जिलों को शामिल किया गया। सर्वे में 43 फीसदी पहली श्रेणी के शहरों से, 27 फीसदी दूसरे श्रेणी के शहरों से और बाकी तीसरी, चौथी श्रेणी के शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्र के लोग शामिल रहे। इसमें 62 फीसदी पुरुष और 38 फीसदी महिलाएं शामिल रहीं।

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