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स्मार्टफोन से जुड़े ये 5 झूठ, जिन्हें आजतक आप मानते हैं सच

आज का युग स्मार्टफोन का युग है. जहां हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन नजर आता है. वहीं जब आप स्मार्टफोन खरीदने की सोचते हैं तो उससे पहले उसके स्पेशिफिकेसन पर ध्यान देते हैं. लेकिन कई बार आप स्मार्टफोन से जुड़ी कहीसुनी बातों को मानकर विश्वास भी कर लेते हैं. आप सालों से सुनते आ रहे होंगे कि फोन को रातभर चार्ज पर न लगाएं ब्लास्ट हो सकता है या फिर जितना ज्यादा मेगापिक्सल उतनी बढ़िया फोटो आदि. कई ऐसी ही बातें हैं जिनको सुन-सुनकर आप सभी उन्हें मानने भी लगे होंगे. लेकिन आज हम आपको स्मार्टफोन से जुड़े 8 मिथ के बारे में बताने जा रहे हैं जिनको आप आजतक सच मानते आए हैं.

बैटरी

मोबाइल की बैटरी से जुड़े 3 मिथ को आप हमेशा से सच मानते रहे हैं. पहला मिथ है कि बैटरी जब पूरी खत्म हो जाए तब ही चार्ज करें. दूसरा मिथ है स्मार्टफोन को पूरा चार्ज कर लें, मोबाइल की बैटरी जितनी अधिक MAHकी होती है बैटरी उतनी अधिक चलती है.

कैमरा

लोगों का मानना है कि जितने अधिक मेगापिक्सल का कैमरा होगा फोटो उतनी है शानदार आएगी. लेकिन आपको बता दें कि मेगापिक्सल से फोटो की क्वालिटी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. बेहतर फोटो के लिये मेगापिक्सल से अलावा अपर्चर जैसी चीजें की महत्वपूर्ण होती है.

ब्राइटनेस

आजकल स्मार्टफोन में ऑटोब्राइटनेस ऑप्शन मिलने लगा है यानि जब आप धूप में जाएगें तो ब्राइटनेस बढ़ जाएगी और अंधेरे में आएंगे तो घट जाएगी. वहीं लोगो को मिथ है कि जितनी ज्यादा ब्राइटनेस रहती है बैटरी उतनी जल्दी खर्च हो जाती है.

रातभर चार्ज

अक्सर लोग रात में मोबाइल को चार्ज नहीं करते हैं क्योंकि उनको भ्रम है कि रात में मोबाइल बैटरी फुल होने के बाद बैटरी खराब भी हो जाती है. जबकि आपको बता दें कि चार्जर बैटरी चार्ज करने के बाद करंट पास करना बंद कर देता है.चार्जर आपको कुछ लोगों ने बताया होगा कि फोन में मिले चार्जर से ही चार्ज करें. किसी दूसरी कंपनी के चार्जर का इस्तेमाल न करें. यह बात मिथ है क्योंकि आप दूसरी कंपनी के चार्जर से चार्ज कर सकते हैं बस इस बात का ध्यान रखें कि चार्जर की क्षमता  आपकी कंपनी के फोन के चार्जर के बराबर ही हो.

सिग्नल

आमतौर पर आपके मोबाइल में आपको कुछ लाइने दिखाई देती हैं जिन्हे हम सिग्नल मानते हैं अगर उसमें दो लाइन आने लगे तो सिग्नल कमजोर है और अगर पूरी हैं तो सिग्नल बढ़िया आ रहा है. सिग्नल की क्वालिटी डेसीबल पर निर्भर करती है. कई बार आपने गौर किया होगा कि 1 सिग्नल होने के बावजूद आराम से बात हो जाती है और 5 सिग्नल होने पर भी फोन कट जाता है.

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