बिना दवाई के भी ठीक हो सकता हैं बच्चे का बुखार

छोटे बच्चों की अगर तबियत खराब हो जाए तो माता-पिता का परेशान होना लाजमी है। अक्सर देखने में आता है कि बच्चे को छोटी सी भी परेशानी होने पर अभिभावक दवाई देना ज्यादा उचित समझते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा दवाईयों का सेवन बच्चे की सेहत के लिए उचित नहीं होता। अगर आपके बच्चे को भी बुखार हो गया है तो इसके लिए दवाई नहीं, बल्कि इन आसान उपायों का सहारा लीजिए-

मोजे गीले करके बच्चे को पहनाएं। यह सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन यह बुखार कम करने का एक गजब का नुस्खा है। इसके लिए एक जोड़ी सूती मोजे लें जो बच्चे की एड़ियों को कवर करने के लिए पर्याप्त लम्बे हों। मोजे को नल के ठंडे पानी में ठीक से गीला कर लें। अतिरिक्त पानी को निचोड़ दें। मोजों को बच्चे के पैरों पर रख दें और जब मोजे सूख जायें तो इस प्रक्रिया को दोहरायें।

बच्चे के सिर और गर्दन को ठंडा रखने का प्रयास करें। इसके लिए एक बड़ा सूती कपड़ा पानी में अच्छी तरह से डुबोएं, अतिरिक्त पानी को निचोड़ दें। कपड़े को बच्चे के सिर और गर्दन के चारों ओर लपेटें तथा जब कपड़ा सूख जाए तो इसे दोहरायें।

तेल की मालिश भी बुखार को दूर करने का एक अच्छा उपाय है। इसके लिए सोने से पहले उनके पूरे शरीर को शुद्ध जैतून के तेल से मालिश करके उन्हें अच्छी तरह से सूती कपड़े और एक कंबल में लपेट दें। तेल को हटाने के लिए उन्हें सुबह स्नान करायें। आप साथ में उसे गीले मोजे भी पहना सकती हैं।

बच्चों को अधिक से अधिक पानी पीने के लिए दें। बुखार जीवों से लड़ने के लिए आपके शरीर की स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है, लेकिन अधिक ताप का मतलब पानी की कमी है।