छोटी सी राई त्वचा को रख सकती है स्वस्थ, जानें इस्तेमाल का तरीका

राई के दानों यानी की सरसों के बीजों का इस्तेमाल भारतीय घरों में मुख्य मसाले के रुप में किया जाता है। राई का सेवन करना सेहत और सौंदर्य के लिए लाभकारी होता है साथ ही यह खाने के स्वाद को भी बढ़ा देता है। खाने में तड़का देने के लिए मुख्य रुप से राई और राई-जीरे का इस्तेमाल किया जाता है। राई के बीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड, मैग्नीशियम और सेलेनियम जैसे पोषक तत्व होते हैं साथ ही यह फॉस्फोरस, मैगनींज, कॉपर और विटामिन बी1 का भी स्त्रोत होती है। आइए जानते हैं कि राई का इस्तेमाल किन घरेलू उपायों में किया जा सकता है।

त्वचा के लिए लाभकारी:
राई में मौजूद पोषक तत्व खूबसूरती बढ़ाने के लिए भी लाभकारी होते हैं। त्वचा को हाइड्रेट करने के लिए, एजिंग को धीमा करने के लिए, इंफेक्शन को दूर करने के लिए और नेचुरल स्क्रब के रुप में राई का इस्तेमाल लाभकारी होता है।

राई का सेवन सूजन कम करता है:
राई को दानों में सेलेनियम होता है जो कि एक एंटी-इंफ्लेमेट्री गुणों वाला तत्व माना जाता है। राई के दानों का सेवन करने से सूजन की समस्या से निजात मिलती है। राई के तेल से मालिश करने पर भी सूजन कम होती है।

बीमारियों से बचाव होता है:
राई के दानों में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम होता है इसलिए राई के दानों का सेवन करने से अस्थमा, अर्थराइटि्स और निम्न रक्तचाप की समस्या से निजात मिलती है। भिगोकर राई के दानों का सेवन करने से बीमारियां नहीं होती है।

कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करती है:
राई में नियासिन यानि विटामिन बी-3 पर्याप्त मात्रा में होता है इसलिए राई कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए लाभकारी होती है। रात को पानी में राई भिगोकर खाने से हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या कम होती है।

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