चुनाव आयोग के अनुसार बिहार के वोटिंग प्रतिशत में आयी गिरावट

बिहार मे होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्येनजर चुनाव आयोग लगातार सर्वे कर रही है। ऐसा वह कोरोना महामारी के वजह से कर रही है। हालिया सर्वे में बिहार में होने वाली चुनावी समीक्षा में कई बातों का खुलासा हुआ है। चुनाव आयोग के अनुसार बिहार में मतदान प्रतिशत का ग्राफ गिरते नज़र आ रहे हैं। इसको लेकर दो सर्वे कराये गए थे। हालांकि, नतीजों को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। परंतु अभी तक सर्वे रिपोर्ट में जो बातें छनकर आयीं है उनपर संबंधित सभी 25 जिलों के डीएम से उनका मंतव्य मांगा गया है। उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी रंजीता ने जिलाधिकारियों को अपना मंतव्य देने का निर्देश दिया है। जिससे सर्वे के नतीजों के आधार पर विधानसभा चुनाव की तैयारियों कि रणनीति बनायी जा सके।

सर्वे में यह बात निकलकर सामने आयी है कि वोटरलिस्ट में नाम जुड़वाने,वोटर लिस्ट मे नाम-पता मे अशुद्धि होने, ईपिक बनवाने, बूथ की जानकारी का अभाव व प्रत्याशियों के संबंध में अधूरी जानकारी के कारण भी बड़ी संख्या में मतदाता वोट नहीं डालते हैं। अभी तक के सर्वे रिपोर्ट कि माने तो समाज का युवा वर्ग ज्यादा जागरूक नज़र आ रहा है। बेहतर अवसर की तलाश में वे महानगरों में ज्यादा सक्रिय हुए हैं। इस कारण वे अक्सर चुनावों के समय अपने घर पर मौजूद नहीं होते। नतीजतन बड़ी संख्या में युवा वोटर चुनाव में मतदान करने से वंचित हो जाते हैं, जिससे मतदान प्रतिशत पर असर पड़ता है।

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