अपनाये इन उपायों को वरना छिन सकता है आपका पुरुषत्व !

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन एक ऐसा जबरदस्त हार्मोन होता है जो सिर्फ और सिर्फ पुरुषों में ही पाया जाता है। पुरुषों की आक्रामकता, चेहरे के बाल, मांसलता से इसका बहुत ही सीधा संबंध है। शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ के लिए यह हॉर्मोन सभी पुरुषों के लिए बहुत ही ज़रूरी होता है।

ये हॉर्मोन उम्र के साथ बहुत कम भी होने लगता है। एक अनुमान के मुताबिक 30 और 40 की उम्र के बाद इसमें हर साल लगभग दो फ़ीसदी की गिरावट आने लगती है। इसमें क्रमिक गिरावट सेहत से जुड़ी कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन कुछ ख़ास बीमारियों, इलाज या चोटों के कारण सामान्य से बहुत कम हो जाता है।

अगर टेस्टोस्टेरोन सामान्य से कम है तो हमारे सामने ये समस्यायें आती हैं-

थकान और सुस्ती- इसकी कमी से थकान और सुस्ती होती है।

अवसाद, चिंता, चिड़चिड़ापन- अगर इसकी कमी हो गयी तो ये अवसाद और चिंता को बहुत बढ़ाने का काम करता है।

नपुंसकता की शिकायत – इसकी कमी से आप बेड में अपनी बेटर हाफ के साथ खुशियां नहीं बांट पायेंगे।

कसरत कर पाने में असमर्थता- इसकी कमी से शारीरिक क्षमता कम हो जाती है जिससे कसरत कर पाने में

दाढ़ी और मूंछों का बढ़ना कम होना- इसकी कमी से ये शिकायत भी आती है।

पसीना ज़्यादा निकलना- टेस्टोस्टेरोन हार्मोन में कमी को ऐसे भी पहचाना जा सकता है। क्योंकि अगर इसकी कमी हुयी तो पसीना ज्यादा आता है।

यादाश्त और एकाग्रता का कम होना- इस हार्मोन की कमी से आपकी एकाग्रता में भी कमी आती है। साथ ही याददाश्त भी कमजोर होती है।

हड्डियां हो जाती है कमजोर- लंबे समय तक हाइपोगोनडिज़म से हड्डियों को नुक़सान पहुंचने का जोखिम रहता है। इससे हड्डियां कमज़ोर होती हैं और फ्रैक्चर की आशंका बढ़ जाती है।

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