राजस्थान मे इतना कुछ होने के बाद भी आखिर कांग्रेस आलाकमान क्यों है चुप

राजस्थान में सियासी घमासान बहुत तेज हो गयी है। एक ओर जहां सीएम अशोक गहलोत सचिन पायलट के बारे मे कड़े निर्णय लेने की वकालत कर रहे है तो दूसरी ओर कांग्रेस आलाकमान इतना सब कुछ होने के बाद भी सचिन पायलट को पार्टी से निकालने की कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है। राजस्थान में जहां सीएम अशोक गहलोत राज्यपाल के सामने अपने समर्थक विधायकों की परेड करा रहे हैं तो दूसरी ओर दिल्ली से कांग्रेस की ओर से तीन नेता रणदीप सुरजेवाला, अजय माकन और अविनाश पांडेय को भेजा गया है। रणदीप सुरजेवाला कई बार सचिन पायलट से अपील कर चुके हैं कि वो अभी भी अपने निर्णय पर पुनः विचार करे लेकिन सचिन पायलट की ओर से इस संबंध मे कोई संकेत नहीं दिया गया है। हालांकि उनकी ओर से यह बयान जरूर आया है कि विधायकों के खरीद-फरोख्त का आरोप बिल्कुल ही निराधार है।

लेकिन अगर सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के नेता राहुल गांधी सचिन पायलट के खिलाफ कार्रवाई करने के पक्ष में नहीं है। यही वजह है कि पार्टी आलाकमान की ओर से अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की बात सामने नहीं आई है। वहीं सचिन पायलट का भी कहना है कि उनका विरोध अपने पार्टी से नहीं बल्कि सीएम अशोक गहलोत से है। सचिन पायलट यह चाहते है कि उन्हें राजस्थान का सीएम बना दिया जाए।

आँकड़ो को देखा जाए तो तो सचिन पायलट के पास मात्र 22 विधायकों का साथ है जबकि सीएम अशोक गहलोत के साथ 100 से ज्यादा विधायक है, ऐसे में पलड़ा सीएम अशोक गहलोत का ज्यादा भारी है। सचिन पायलट बीजेपी मे जाने की अटकलो पर विराम लगा रहे है वही कांग्रेस में अपनी संभावनाओं को खत्म भी नहीं करना चाहते हैं।