अग्निपथ योजना हिंदुस्तान के नौजवानों के साथ धोखा:‘आप’

आम आदमी पार्टी (आप)ने अग्निपथ योजना को पूरी तरह से निरस्त करने की माँग करते हुए बुधवार को कहा कि यह हिंदुस्तान के नौजवानों के साथ धोखा है। ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा पत्र लिखकर कहा कि अग्निपथ योजना को पूरी तरह से निरस्त कीजिए। यह हिंदुस्तान के नौजवानों के साथ धोखा है। सिंह ने कहा ,“भाजपा की मोदी सरकार ने नौजवानों की पेट और पीठ पर लात मारने का काम किया है। यह भारत माता की सुरक्षा के साथ भी गद्दारी है, इसलिए ये अग्निपथ योजना तत्काल वापस होनी ही चाहिए।”

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अग्निपथ योजना को लेकर बिहार के मंत्री ने आपत्तिजनक बयान दिया है। उससे पहले भाजपा के विधायक, केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय महासचिव ने शर्मनाक बयान दिया था। इस वक्त नौजवान आंदोलन कर रहे हैं। राजस्थान में कन्हैया कुमार, अंकित कुमार सहित दो युवकों ने अग्निपथ योजना के चलते आत्महत्या कर ली है। नौजवानों के रोते बिलखते हुए वीडियो सामने आ रहे हैं। कई युवा ओवरेज हो गए हैं। इसके अलावा बहुत सारे अग्निपथ योजना में जाना नहीं चाहते हैं। वह पीड़ित और दुखी हैं। उनके इस घाव पर नमक छिड़कने का काम भारतीय जनता पार्टी के नेता कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक हर भूषण ठाकुर कह रहे हैं कि यह लोग जिहादी हैं। बिहार के मंत्री ने कल कहा कि ये आतंकवादी हैं। इससे पहले इनके केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने कहा कि यह लोग नाई, ड्राइवर चालक इलेक्ट्रिशियन बन जाएंगे। इनके राष्ट्रीय महासचिव कह रहे हैं कि भाजपा के दफ्तर में गार्ड लगा लेंगे। ‘आप’ नेता ने कहा कि देश सेवा के लिए प्रधानमंत्री 12 करोड़ की गाड़ी और आठ हजार करोड़ के जहाज में घूमेंगे।

इसके अलावा देश सेवा के नाम पर केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, सांसदों, विधायकों पर हजारों करोड़ों रुपए खर्च होता है। उनको देश सेवा के लिए जिंदगी भर पेंशन, मेडिकल सुविधा, तनख्वाह और बड़े-बड़े बंगले में मिलते हैं और जो जवान सीमा पर शहीद होने के लिए जाएगा उसको देश सेवा के लिए शहीद का दर्जा भी नहीं दोगे। उसको देश सेवा के लिए परमवीर चक्र, अशोक चक्र, पेंशन, मेडिकल सुविधा, कैंटीन का कार्ड और कोई सम्मान नहीं दोगे। तो क्या देश सेवा के लिए भाजपाइयों का दोहरा मापदंड है। सिंह ने कहा कि क्या यह भारत माता की रक्षा के साथ भाजपा की गद्दारी नहीं है।

वर्तमान में जवान सीमा पर लड़ने के लिए एक साल की ट्रेनिंग के बाद तैयार होता है। इसके बाद बटालियन में एक साल के ट्रेनिंग और दो-तीन साल के फील्ड अनुभव के बाद वह युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार होता है। पांच साल की ट्रेनिंग के बाद ही किसी जवान को बड़े ऑपरेशन में लगाया जाता है। भाजपाई कह रहे हैं छह महीने की ट्रेनिंग में वे चीन और पाकिस्तान से लड़ने के लिए तैयार हो जाएंगे।

उन्होंने कहा,“ सियाचीन में माइनस 45°c तापमान और राजस्थान के बॉर्डर पर 50°c तापमान में अपने आप को जलाने वाले जवान को चार साल में निकलकर बाहर कर देंगे। छह महीने की ट्रेनिंग में वह लड़ने के योग्य हो जायेगा। उनकी 5 से 6 महीने की छुट्टियां निकाल लीजिए तो कितना समय बचा? तीन साल की नौकरी मे एक नौजवान को अगर पेंशन, शहीद का दर्जा मिलेगा या नहीं, इस बात का भरोसा नहीं होगा तो उसके लिए मोटिवेशन का एक कारण बता दीजिए।

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