एयर इंडिया का विलिस लीज के साथ बिक्री-और-पट्टा-वापसी समझौता

टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने गुरुवार को कहा कि कंपनी ने अपने एयरबस ए320 बेड़े में स्थापति 34 सीएफएम56-5बी इंजनों के लिए विलिस लीज फाइनेंस कॉर्प के साथ बिक्री और पट्टे पर वापस लेने का समझौता किया है। बिक्री और पट्टे पर वापस लेने के वित्तीय समझौते के तहत एक परिसंपत्ति को एक पट्टे पर देने वाली कंपनी को बेच दिया जाता है और फिर उस परिसंपत्ति को विक्रेता को तुरंत वापस पट्टे पर दिया जाता है। यह संचालन के लिए पूंजी को मुक्त करता है और अवशिष्ट मूल्य जोखिम को पट्टे पर देने वाली कंपनी को हस्तांतरित करता है।

एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि इंजनों को विलिस लीज के कॉन्स्टेंट थ्रस्ट प्रोग्राम के तहत कवर किया जाएगा जो पारंपरिक एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल) शॉप विजिट प्रोग्राम की तुलना में महत्वपूर्ण विश्वसनीयता और लागत बचत प्रदान करेगा।

एयर इंडिया ने कहा है कि विलिस लीज कॉन्सटेंट थ्रस्ट के माध्यम से प्रतिस्थापन और अतिरिक्त इंजन प्रदान करेगा जिससे एयर इंडिया इंजनों पर संभावित रूप से महंगी और अप्रत्याशित उनके रखरखाव और ठीक कराने के लिए की जाने वाली यात्राओं से बचा जा सकेगा।

एयर इंडिया के सीसीओ निपुण अग्रवाल ने कहा कि विलिस लीज के साथ लेन-देन बहुत ही अनूठा और ऐतिहासिक है जो एयर इंडिया को रखरखाव के बोझ को खत्म करने और इंजनों से जुड़ी रखरखाव लागत अनिश्चितता से खुद को पूरी तरह से मुक्त करने में सक्षम करेगा। ओईएम (वास्तविक उपकरण निर्माता) के साथ किसी भी पावर बाय द ऑवर कार्यक्रम के अंतर्गत ये नहीं थे। यह लेन-देन एयर इंडिया को परिचालन से खुद को जोखिम में डालने, बेड़े की विश्वसनीयता में सुधार, लागत कम करने और नकदी प्रवाह को अनुकूलित करने में सहायता प्रदान करेगा।”

अमेरिका के फ्लोरिडा में मुख्यालय वाली कंपनी विलिस लीज वैश्विक विमानन वित्त कंपनी है। यह विमान, अतिरिक्त वाणिज्यिक विमान इंजन और सहायक बिजली इकाइयों के पट्टे, वित्त और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती है। विलिस लीज लेन-देन के बिक्री पक्ष के तहत एयर इंडिया से 13 एयरबस ए321 विमानों और चार ए320 विमानों को शक्ति प्रदान करने वाले 34 इंजनों को खरीदेगा।

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