किशोरियों के मासिक धर्म पर बहुत गहरा प्रभाव डालता है वायु प्रदूषण

हवा में लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर की वजह से किशोरियों में अनियमित मासिक धर्म का खतरा पूरी तरह बढ़ जाता है। भारतीय मूल के एक शोधकर्ता के नेतृत्व में किए गए एक नए रिसर्च में यह बात सामने आई है।

शोधकर्ताओं के अनुसार किशोरियों में वायु प्रदूषण से मासिक धर्म की अनियमितता थोड़ी बहुत बढ़ जाती है और इसे नियमित होने में बहुत लंबा समय लगता है।

शोधकर्ताओं ने यह भी चेताया है कि वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से बांझपन, मेटाबॉलिक सिंड्रोम व पॉलीस्टिक ओवरी सिंड्रोम पूरी तरह हो सकता है।

बोस्टन विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर ने कहा कि वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने से दिल संबंधी, पल्मोनरी रोग होने की संभावना अत्यधिक होती है। लेकिन यह रिसर्च अलग तंत्रों के प्रभावित होने के बारे में भी पूरी तरह सुझाव देता है, जिसमें प्रजनन अंतस्रावी तंत्र शामिल हैं।

मासिक धर्म हार्मोन के नियमन से पूरी तरह जुड़े हैं। वायु प्रदूषण के पर्टिकुलेट मैटर से हार्मोन की क्रिया पर बहुत असर पड़ता है। हालांकि, शोधकर्ताओं के अनुसार यह पता नहीं चल सका है कि क्या वायु प्रदूषण का मासिक धर्म की अनियमितता से पूरी तरह जुड़ाव है या नहीं।