जरूर पढ़ें: कहीं आपको भी तो नहीं है ऐसी आदत

भले ही आप कितने भी सजग हो लेकिन कई बार इंफेक्शन के शिकार हो ही जाते हैं। जानते हैं इसके पीछे कारण क्या है? आपकी गंदी आदत जो लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुकी है और कई बार इसे हम नजरअंदाज कर देते हैं। हमें लगता है कि इन आदतों के कारण इंफेक्शन नहीं हो सकता लेकिन होता कई बार इन्हीं कारणों से है। आइए जानते हैं कि ये कुछ गंदी आदत क्या है जो डेली रुटीन में शामिल हो चुकी है।

मोबाइल और टॉयलेट कनेक्शन

अगर ये कनेक्शन आपका भी है तो इसे तुरंत बदल लें। आजकल की लाइफस्टाइल का सबसे बड़ी कमी यही है कि मोबाइल अब हर जगह साथ होता है। टॉयलेट तक में भी मोबाइल ले जाने के आदी हो चुके हैं हम। इससे ई-कोली नामक कीटाणु कई बार इंफेक्शन का कारण बनता है। ये कीटाणु टॉयलेट की सीट, नल, फ्ल्श आदि सब पर मौजूद होता है और ये मोबाइल पर भी हाथ के जरिये पहुंच जाता है। इससे यूटीआई इंफेक्शन का खतरा हो जाता है।

रिमोट से भी होता है इंफेक्शन

रिमोट को हर कोई छूता है और यही कारण है कि रिमोट पर भी हानिकारक बैक्टिरिया होते हैं। रिमोट कहीं भी रखा रहता है और सर्दी-जुकाम होने पर भी लोग इसे छूते रहते हैं। इससे एक दूसरे का संक्रमित होने की संभावना बढ़ जाती है।

घर के अंदर तक जूते-चप्पल का ले आना

बाहर से लेकर जूते-चप्पल घर के अंदर तक ले आना भी बीमारियों को न्योता देता है। इसलिए अगर आपकी आदत में भी बाहर पहनने वाले शूज को बेडरूम तक लेआने की आदत है तो बदल दें। घर के बाहर वाले जूते को बदलने के लिए दरावजे के पास ही एक चेयर लगा दें ताकि उसे वहां से निकाल कर जूते स्टैंड तक हाथ से उठा कर लाया जाए। पूरे घर में जूते रोंदने से कई तरह के कीटाणु घर में फैल जाते हैं।

हैंडबैग को कहीं पर भी रख देना

हैंडबैग भी इंफेक्शन का एक बड़ा कारण होता है क्योंकि इसे हम कहीं भी कभी भी रख देते हैं। इससे इनमें भी कीटाणु आसानी से आ जाते हैं। कई बार ऑफिस के टॉयलेट तक भी हेंडबैग चला जाता है। ऐसे में इसमें भी ई-कोली कीटाणु आने की संभावना बढ़ जाती है। इसे घर लाकर कहीं भी रख देते से घर में भी बैक्टिरिया फैल जाता है।