ग्रामीण इलाकों में प्रतिस्पर्धी कीमत पर गैस की आपूर्ति के लिए नियमों में संशोधन

नयी दिल्ली (एजेंसी/वार्ता): प्राकृतिक गैस के बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने और देश में प्राकृतिक गैस बाजार के तेजी से विकास की शुरुआत करने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने अपने तीन नियमों में प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के किराए, प्राधिकरण और क्षमता विनियमों में संशोधन किए हैं।

पेट्रोलियम मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार यह संशोधन एकीकृत किराया विनियमन के कार्यान्वयन के लिए कदम के रूप में कार्य करेंगे जो पहली अप्रैल 2023 से प्रभावी होंगे। एकीकृत किराया दर के कार्यान्वयन के लिए निपटान के मुद्दों को संबोधित करने के लिए, उद्योग समिति का गठन किया गया है।

इन परिवर्तनों का उद्देश्य एक राष्ट्र, एक ग्रिड और एक टैरिफ के लंबे समय से पोषित उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिस्पर्धी और सस्ती दरों पर दूर-दराज के क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस की पहुंच प्रदान करना है।

एकीकृत किराया दर के कार्यान्वयन को सरल बनाने के लिए, उक्त विनियमों में इकाई स्तर की एकीकृत प्राकृतिक गैस पाइपलाइन टैरिफ पेश किया गया है जो राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत किराया दर के लिए एक बिल्डिंग ब्लॉक (बुनियाद) के रूप में कार्य करेगा।

इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में उपभोक्ताओं के समग्र हितों की रक्षा के लिए एकीकृत जोन की संख्या दो से बढ़ाकर तीन कर दी गई है। इसके अलावा, बेहिसाब गैस की अनुमति, अधिस्थगन अवधि, क्षमता में वृद्धि आदि जैसे अन्य संशोधनों को शामिल किया गया है।

-एजेंसी/वार्ता

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