डायबिटीज के मरीजों के लिए वरदान है आंवला, जानिए- क्या है इस्तेमाल करने का तरीका

शरीर में जब ब्लड शुगर की मात्रा अनियंत्रित हो जाती है तब डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। इस बीमारी से पीड़ित लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है जिस वजह से उन्हें अपने सेहत की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। सरकारी आंकड़ों की मानें तो भारत में लगभग 60 मिलियन लोग डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके अनुसार, देश की आबादी का 7.8 प्रतिशत हिस्सा डायबिटीज रोगी है। ये एक गंभीर स्थिति है जिसमें शरीर में पर्याप्त इंसुलिन पैदा नहीं हो पाता है। इससे आपकी बॉडी में ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है। दवाइयों के साथ कई घरेलू नुस्खे भी डायबिटीज को नियंत्रित रखने में कारगर होता है। ऐसा ही एक घरेलू नुस्खा है आंवला का इस्तेमाल-

मधुमेह रोगियों के लिए आंवला कैसे है फायदेमंद: आंवला में क्रोमियम तत्‍व पाए जाते हैं जो इंसुलिन हार्मोन को मजबूत कर खून में शुगर लेवल को कंट्रोल करते हैं। साथ ही साथ, इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है जिससे डायबिटीज नियंत्रण में रहता है। इसके अलावा, आंवला मधुमेह रोगियों के कोलेस्टॉल लेवल को भी सही बनाए रखता है, जिससे उनमें डायबिटिक संबंधी कोलेस्ट्रॉल की समस्याएं नहीं होती। वहीं, आंवला में पॉलीफेनॉल पाया जाता है जो हाई ब्लड शुगर कंट्रोल करता है। पॉलीफेनॉल इंसुलिन के रेसिस्टेंस को रोकते हैं इसी वजह से आंवला खाने से ब्लड शुगर में इंसुलिन आसानी से नहीं घुलता है।

कोलेस्ट्रॉल को करता है कंट्रोल: आंवला खाने से जहां बैड कोलेस्ट्रोल शरीर में कम बनते हैं वहीं, इससे गुड कोलेस्ट्रॉल के निर्माण में अधिकता आती है। बैड कोलेस्ट्रॉल की कमी से वजन भी जल्दी नहीं बढ़ता जिस कारण मोटापा जैसे डायबिटीज के शुरुआती लक्षणों से लोग दूर रहते हैं। इसके अलावा, आंवला में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण शरीर को किसी भी प्रकार के इंफेक्शन से लड़ने की ताकत देते हैं। इससे डायबिटीज के मरीजों को घाव की शिकायत नहीं होती है।

ऐसे करें इस्तेमाल: आंवले के सेवन का सबसे उपयुक्त तरीका है कि इसे ताजा खाया जाए। अगर आपको इसका स्वाद तीखा और खट्टा लगे तो इसे खाने के तुरंत बाद आप थोड़ा पानी पी सकते हैं। यदि आप अधिक खट्टी चीजें नहीं खाते हैं तो आप आंवला का जूस भी पी सकते हैं। इसे बनाने के लिए आप आंवले में से बीज को अलग कर दें और पल्प को निचोड़ कर इसमें से रस निकाल लें। आप हर दिन लगभग 5-10 मिलीलीटर आंवला जूस पी सकते हैं। हालांकि, इस बात का ख्याल जरूर रखें कि आंवला के साथ कभी भी दूध का सेवन न करें। आंवला और दूध या दूध से बने पेय पदार्थों के सेवन के बीच कम से कम आधे घंटे का अंतराल रखें।

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