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अच्छे कामों के समाचारों को दें प्रमुखता से जगह: आनंदीबेन पटेल

आनंदीबेन पटेल ने युवा पत्रकारों का आव्हान किया कि वे सनसनीखेज समाचार प्रकाशित करने के साथ-साथ अच्छे कामों के समाचारों को प्रमुखता से समाचार पत्र में जगह दें। समाचार पत्र समाज और देश में किये जा रहे सकारात्मक विकास के कार्यो को दुनिया के सामने पहुंचाने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। राज्यपाल ने यह बात आज माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान की राष्ट्रीय संगोष्ठी का उदघाटन करते हुए कही। राज्यपाल ने इस अवसर पर पुस्तकालय का भ्रमण कर वहां उपलब्ध पत्र-पत्रिकाओं एवं ग्रंथों का अवलोकन भी किया।

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राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के वर्तमान युग में समाचार पत्रों को टीआरपी बढ़ाने पर भी ध्यान देना आवश्यक है, परन्तु इसके चलते वास्तविक और सत्य समाचार छूट न जाएं, इस बात पर गंभीरता से विचार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाएँ आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। वे अपने भविष्य को स्वंय सुधारने के लिए भी संयुक्त रूप से कार्यरत हैं। राज्यपाल ने पत्रकारिता की गुणवत्ता में सुधार लाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने ने कहा कि आवश्यकता हो तो राज्यपाल या मुख्यमंत्री के समाचारों को जगह देने की बजाये जन हित की खबरों को प्रमुखता दी जाना चाहिए। श्रीमती पटेल ने कहा कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का दायित्व भी समाचार पत्रों पर है।

श्रीराम कॉलेज, नई दिल्ली के प्रो. वार्तिका नंदा ने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में मीडिया चैनल हैं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएँ अनेक क्षेत्रों में आगे बढ़ रहीं हैं, तो पत्रकार क्यों नहीं बन सकतीं। प्रो. वार्तिका नंदा ने कहा कि पिछले दस साल में पत्रकारिता के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर श्री जगदीप उपासने ने कहा कि हमारे देश में स्त्री को देवी, माता, बहन के रूप में माना जाता है। आज महिला पत्रकार शीर्ष पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमन में दो दृष्टिकोण का टकराव पत्रकारिता में देखने को मिल रहा है। वर्धा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश्वर मिश्र ने कहा कि पत्रकारिता में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रतिकार और प्रतिरोध करना पत्रकारिता का दायित्व है। पत्रकारों की सटीक पत्रकारिता के कारण कई सरकारें गिरीं और कई मंत्रीयों को जेल जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दुरूपयोग के कारण व्यर्थ चरित्र हनन की घटनाएं बढ़ रही हैं।

माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान के संस्थापक श्री विजयदत्त श्रीधर ने संस्थान की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पंडित माधवराव सप्रे हिन्दी के युग निर्माता संपादक, निबंधकार, समालोचक थे। वे होनहार युवा प्रतिभाओं के संभावनाशील भविष्य के पारखी थे। इस अवसर पर राज्यपाल को महात्मा गाँधी के बरमान घाट (नरसिंहपुर) दौरे का चित्र भेंट किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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