Breaking News
Home / टेक्नोलॉजी / कौशल विकास एवं तकनीकी सहायता के लिए सीएसटीएस का उद्घाटन

कौशल विकास एवं तकनीकी सहायता के लिए सीएसटीएस का उद्घाटन

केन्‍द्रीय रसायन एवं उर्वरक और संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने देहरादून स्थित आईटीआई भवन में ‘सि‍पेट : कौशल विकास एवं तकनीकी सहायता के लिए केंद्र (सीएसटीएस)’ का उद्घाटन किया और इसके साथ ही उन्‍होंने देहरादून के दोइवाला में सिपेट (केन्द्रीय प्लास्टिक इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान) की नई इमारत की आधारशिला रखी। इस अवसर पर सम्‍मानित अतिथि के रूप में जो अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्ति उपस्थित थे उनमें उत्तराखंड के मुख्‍यमंत्री त्रिवेन्‍द्र सिंह रावत और हरिद्वार के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक भी शामिल थे। सिपेट : सीएसटीएस, देहरादून देश में सिपेट का 32वां केन्‍द्र है।

loading...

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने कह दी ऐसी बात, खुश हो गये मोदी

अनंत कुमार ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अर्थव्‍यवस्‍था के प्रत्‍येक क्षेत्र में इस्‍तेमाल होने वाले बुनियादी कच्‍चे माल में 50 प्रतिशत से भी अधिक मात्रा प्‍लास्टिक की ही होती है, चाहे वह साधारण चम्‍मच हो अथवा बुनियादी ढांचागत क्षेत्र या ऑटोमोबाइल अथवा एयरोस्‍पेस या उन्‍नत जैव चिकित्‍सा उपकरणों का निर्माण कार्य हो। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि जहां कहीं भी प्‍लास्टिक का इस्‍तेमाल होता है वहां सिपेट में प्रशिक्षि‍त तकनीकी श्रम बल को रोजगार अवश्‍य मिलेगा।

सिपेट देहरादून में प्रशिक्षण संबंधी विवरण देते हुए अनंत कुमार ने बताया कि पहले ही वर्ष में 1500 विद्यार्थियों को दाखिला मिल जाएगा। यह संख्‍या दूसरे वर्ष में बढ़कर 2500 के आंकड़े को छूने लगेगी। तीसरे वर्ष में 3000 विद्यार्थियों को सिपेट देहरादून में प्रशिक्षित किया जाएगा।

राजस्थान डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल में निकली है बम्पर नौकरी, जल्दी करें अप्लाई

उन्‍होंने कहा, ‘राज्‍य सरकार के सहयोग से हम निकट भविष्‍य में प्‍लास्टिक इंजीनियरिंग में बी.टेक पाठ्यक्रमों का शुभारंभ करने का प्रयास करेंगे।’ मंत्री महोदय ने यह भी कहा कि वर्ष 2014 तक सिपेट के 23 केन्‍द्र कार्यरत थे जो लगभग 40,000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दे रहे थे।

अब सिपेट प्रति वर्ष 1,00,000 टेक्‍नीशियन तैयार कर रहा है और पिछले चार वर्षों में इनकी कुल संख्‍या 2.5 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। मंत्री महोदय ने यह भी कहा कि सिपेट के इस स्‍वर्ण जयंती वर्ष में हम समूचे भारत में सिपेट के केन्‍द्रों की कुल संख्‍या को बढ़ाकर 50 के पार ले जाएंगे। इस अवसर पर मैं उत्तराखंड में सिपेट के एक और केन्‍द्र को प्रस्‍तावित करता हूं।’

 

Loading...
loading...
Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *