एंटी डोपिंग बिल पर पीटी उषा ने दिया पहला भाषण, खेलों की साफ छवि के लिए दिए सुझाव

उड़नपरी के नाम से मशहूर पीटी उषा को केंद्र सरकार ने राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया है. हिंदी में शपथ लेकर उन्होंने सबको चौंका दिया था और उनकी खूब तारीफ हुई थी. संसद में उन्होंने अपने पहले भाषण में डोपिंग के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है. उन्होंने कहा कि आज के समय में डोपिंग एक गंभीर समस्या बन गई है. उन्होंने सभी प्रतियोगिताओं को नाडा के तहत लाने का भी सुझाव दिया है.

PT Usha First Speech
राज्यसभा में पीटी उषा ने अपने पहले भाषण में एंटी डोपिंग बिल पर विचार रखे थे. उन्होंने कहा कि देश को खेल विज्ञान पर जोर देने की जरूरत है. साथ ही, उन्होंने कहा कि खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है कि खेलों का आयोजन और खिलाड़ियों की छवि क्लीन होनी चाहिए.

उषा ने डोपिंग रोधी विधेयक पर चर्चा के दौरान सुझाव दिया कि सभी प्रतियोगिताओं को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के तहत लाना चाहिए. इससे खेलों को लेकर पारदर्शिता आएगी. उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के साथ चोट एक आम समस्या है. खेल विज्ञान और खेलों में मेडिकल सुविधाओं के विस्तार पर काम करना चाहिए.

Doping को देश के लिए बताया गंभीर समस्या
पीटी उषा ने कहा कि डोपिंग की समस्या पर जितना ध्यान देने की जरूरत है उतना ध्यान नहीं दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि आज यह समस्या केवल राष्ट्रीय स्तर पर नहीं है बल्कि जिला और ग्रामीण स्तर तक पहुंच गई है.

खेलों को डोपिंग मुक्त बनाने के लिए उन्होंने नाडा और राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला को वित्तीय स्वायत्तता देने की मांग की है. उषा ने कहा कि देश में प्रतिभा की कमी नहीं है कुछ स्तरों पर सुधार किया जाता है तो खेलों के क्षेत्र में भी देश शीर्ष 10 देशों में शुमार हो जाएगा.

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