तन-मन का ख्याल रखता है अनुलोम विलोम, जानें करने का तरीका

योग में ऐसे कई प्रणायाम बताए गए हैं तो सेहत के लिए बेहद लाभदायक है। इन्हीं में से एक है अनुलोम विलोम। प्रतिदिन अगर महज दस मिनट भी इसका अभ्यास किया जाए तो इससे कई तरह के लाभ होते हैं। तो चलिए जानते हैं अनुलोम विलोम करने के तरीके और उससे होने वाले लाभ के बारे में-

करें ऐसे

अनुलोम-विलोम योग करने के लिए एक शांत जगह पर बैठ जाए। फिर अपने दाएं हाथ के अंगूठे से अपनी दाएं नाक को बंद करें। फिर बाई तरफ की नाक से सांस को अंदर की ओर भरें। अब अंगूठे के साथ वाली उंगुलियों से बंद कर दें। उसके बाद दाहिनी नाक से अंगूठे को हटा दें और दाई नाक से सांस को बाहर निकालिए। फिर दाई नाक से ही सांस को 4-5 गिनती तक अंदर को भरे और दाई नाक को बंद करके बाई नाक खोलकर सांस को 8-9 की गिनती में बाहर निकाल दें। इस प्राणायाम को 5 से 15 मिनट तक रोजाना करें।

जानें फायदे

जब आप अनुलोम विलोम का अभ्यास करते है तो इससे मन को शांति मिलती है और व्यक्ति के भीतर तनाव का स्तर कम होता है। इतना ही नहीं, व्यक्ति स्वयं को बेहद उर्जावान भी महसूस करता है।

जिन लोगों को अनिद्रा की समस्या है, उनके लिए भी यह प्रणायाम बेहद लाभदायक है।

इस प्रणायाम के दौरान व्यक्ति डीप ब्रीदिंग करता है, जिससे उसके पूरे शरीर में अधिक आॅक्सीजन जाती है और शरीर की पूरी कार्यप्रणाली बेहतर तरीके से काम करती है।

इसके नियमित अभ्यास से व्यक्ति की कोल्‍ड, कफ और अस्‍थमा जैसी समस्‍याओं काफी हद तक दूर होती है।