शिशु को बेबी पाउडर लगाये इन तरीकों से नही तो होगा नुकसान

आमतौर पर जब भी घरों में छोटे बच्चों को नहलाया जाता है तो उसके बाद उन्हें पाउडर लगाया जाता है। ताकि उन्हें पसीना न आए और किसी तरह से रैशेज न पड़ें। वैसे तो छोटे बच्चों को पाउडर लगाना अच्छा माना जाता है, लेकिन अगर उसे सही तरह से न लगाया जाए तो इससे छोटे बच्चों को काफी नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। तो चलिए जानते हैं इन परेशानियों के बारे में-

बच्चे के शरीर में लगातार पाउडर के छोटे कण जमा होने पर उसे फेफड़ो से जुड़ी बिमारियां घेर सकती है और उसकेे नाजुक वायुकोषों में भी जलन हो सकती है क्योंकि बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित नहीं हुई होती। आगे जाकर उसे सांस चढ़ने की समस्या हो सकती है।

बच्चे को ज्यादा मात्रा में टैल्कम पाउडर लगाने से उसे सांस लेने में मुश्किल हो सकती है। जब शिशु सांस लेता है तो इस पाउडर के कण नाक और मुंह में चले जाते हैं और म्यूकस पर जम जाते हैं। जिसके कारण बच्चे को सांस लेने में परेशानी होती है। कई बार इससे शिशु की सांस भी रूक सकती है।

बच्चे की गीली स्किन पर कभी पाऊडर न लगाएं। उसे अच्छी तरह सूखा कर ही इसका इस्तेमाल करें।

छोटी बच्ची के प्राइवेट पार्ट्स के पास पाऊडर बिल्कुल न लगाएं क्योंकि इससे उसे ओवरियन कैंसर का भी खतरा हो सकता है।

बच्चे के शरीर पर पाउडर लगाने के लिए बच्चे से कम से कम एक मीटर दूर होकर पाउडर अपने हाथ पर लें और फिर इसे अपने हाथों पर मल लें। अब इसे बच्चे के शरीर पर हल्के से लगाएं।