कोरोना के बीच बिहार में होंगे विधानसभा चुनाव, नए नियमों का करना होगा पालन

बिहार में होने जा रहा विधानसभा चुनाव कोरोना संकट के बीच पहला विधानसभा चुनाव होगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इसकी तारीखों की घोषणा कर दी गई है। बिहार विधानसभा का कार्यकाल इस साल 29 नवंबर को खत्म होने जा रहा है। इस बार चुनाव प्रचार अभियान में ज्यादा शोर-शराबा नहीं होगा।

चुनाव आयोग के दिशानिर्देश:

  • चुनाव के लिए मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा। वहीं, कोरोना मरीज सबसे अंत में मतदान कर सकेंगे।
  • कोरोना पीड़ितों के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी। हर पोलिंग बूथ पर साबून, हैंड सैनिटाइजर जैसी चीजों की व्यवस्था की जाएगी।
  • उम्मीदवार सहित सिर्फ पांच लोगों को डोर-टू-डोर चुनाव प्रचार के लिए जाने की अनुमति दी गई है। इसमें सुरक्षा कर्मी संख्या शामिल नहीं है।
  • वाहनों के काफिले को हर पांच वाहनों के बाद तोड़ना होगा। दो काफिले के बीच का अंतर 100 मीटर के अंतराल के बजाए आधा घंटा होना चाहिए।
  • चुनाव-संबंधी हर गतिविधि के दौरान हर व्यक्ति को फेस मास्क पहनना होगा। सभी व्यक्तियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जायेगी।
  • हर बूथ पर सैनेटाइजर, साबुन और पानी उपलब्ध कराना होगा। बूथ और मतगणना केंद्र बड़े हॉल को बनाया जाएगा।
  • नामांकन फॉर्म और शपथ पत्र ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। ऑनलाइन भरा जा सकता है। जमा करने के लिए प्रिंट निकाला जा सकता है।
  • उम्मीदवार जमानत राशि ऑनलाइन जमा कर सकते हैं हालांकि नकद जमा कराने का विकल्प भी होगा।
  • नामांकन जमा करने के लिए उम्मीदवार के साथ केवल दो व्यक्ति और नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया के दौरान केवल दो वाहनों की अनुमति होगी।
  • चुनाव प्रचार डिजिटल तरीके से ही किया जाएगा। चुनाव प्रचार के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।
  • मतगणना हॉल में 7 से ज्यादा मतगणना टेबल की अनुमति नहीं होगी। एक निर्वाचन क्षेत्र के मतों की गिनती के लिए तीन से चार हॉल लिए जा सकते हैं।
  • बिहार के एक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1,500 से घटाकर 1,000 कर दी गई है।

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