ऑडियो क्लिप के कारण पूर्व डीजीपी के खिलाफ जांच हो सकती है, मंत्री के खिलाफ क्यों नहीं: बाजवा

चंडीगढ़ (एजेंसी/वार्ता): पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से जानना चाहा कि यदि एक ऑडियो क्लिप के आधार पर पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के खिलाफ जांच हो सकती है तो उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी फौजा सिंह सरारी के खिलाफ क्यों नहीं।

बाजवा ने यहां जारी बयान में सरारी को मंत्री पद से हटाने की मांग करते हुए कहा कि एक ऑडियो क्लिप के सार्वजनिक होने पर जनवरी में पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के खिलाफ गृह विभाग, जो मान के पास ही है, ने डीजीपी गौरव यादव को जांच शुरू करने के आदेश दिये हैं लेकिन सितंबर में जब श्री सरारी का एक ऑडियो क्लिप सामने आया था जिसमें वह अपने निजी सहायक तरसेम लाल कपूर से बातचीत में खाद्यान्न ठेकेदारों से पैसा वसूली की योजना बना रहे हैं तो कोई जांच नहीं शुरू हुई।

बाजवा ने कहा जबकि मीडिया से बातचीत में कपूर ने स्वीकार किया कि आडियो क्लिप में आवाज उनकी है। सरारी ने भी यह बात स्वीकारी कि आवाज उनकी है, पर साथ में दावा किया कि क्लिप से छेड़छाड़ की गई है। मान सरकार ने ऑडियो क्लिप को जांच के लिए फारेंसिक जांच के लिए तक नहीं भेजा।

बाजवा ने मुख्यमंत्री को यह भी याद दिलाने की कोशिश की कि मई में डॉ विजय सिंगला को मंत्री पद से एक ऑडियो क्लिप के आधार पर ही हटाया था, जो आज तक सामने नहीं आई है।

-एजेंसी/वार्ता

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