बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में 28 साल बाद आज आएगा फैसला, 17 आरोपी अब जीवित नहीं

बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में 28 साल बाद अदालत अपना फैसला सुनाने जा रही हैं। हाईकोर्ट के पुराने परिसर में स्थित सीबीआई की विशेष अदालत के जज सुरेंद्र कुमार यादव सुबह दस बजे अपना फैसला सुनाएंगे। इस दौरान लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी व कल्याण सिंह समेत सभी 32 अभियुक्तों को उपस्थित रहने को कहा गया हैं। गौरतलब है कि इस मामले में 49 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था, जिनमें से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी हैं।

6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के मामले में आज जो फैसला सुनाया जाएगा, वह अंतिम होगा। इस दौरान कोरोना के चलते कुछ अभियुक्तों के अनुपस्तिथ रहने की भी संभावना हैं। पूरे मामले पर फैसला सीबीआई व अभियुक्तों के वकीलों द्वारा करीब आठ सौ पन्ने की दाखिल लिखित बहस को पढ़ने के बाद किया जाएगा। इससे पहले सीबीआई ने 351 गवाह व करीब 600 से अधिक दस्तावेजी साक्ष्य भी पेश किये हैं।

माना जा रहा है कि अदालत का फैसला भी करीब दो हजार पन्ने का हो सकता है। फैसला सुनाने वाले जज सुरेंद्र कुमार यादव के कार्यकाल का अंतिम फैसला 30 सितंबर को होगा। सीबीआई के वकील ललित सिंह बताते हैं कि यह फैसला सुरेंद्र कुमार यादव के कार्यकाल का सबसे लंबा विचारण है। वह इस मामले में साल 2015 से सुनवाई कर रहे हैं। मामले में आरोपी बाल ठाकरे, आचार्य गिरिराज किशोर, विष्णु हरि डालमिया व विजयाराजे सिंधिया का निधन हो गया।

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