बोतल से दूध पीता है बच्चा, रखें इन बातों का ध्यान

छोटे बच्चे अमूमन बोतल से दूध पीते हैं। लेकिन ऐसा करना वास्तव में उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। खासतौर से, बोतल से दूध पीने से उनके दांतों में सड़न हो जाती है और अन्य कई तरह की डेंटल समस्याएं होती हैं। दरअसल, जब स्तनपान करने वाले शिशु दूध की बोतल को ही मुंह में रखकर सो जाते हैं तो इससे भी दांतों में सड़न की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसे नर्सिंग बोतल सिंड्रोम भी कहा जाता है। इसलिए यह जरूरी है कि अगर आपका बच्चा बोतल से दूध पीता है तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें-

बच्चे को दिन के समय शर्करा युक्त पेय या दूध से भरी बोतल देने से बचें। दिन में उसे स्तनपान कराएं या फिर कुछ ठोस आहार दें। अगर आप उसे बोतल दे रही हैं तो उसे सादा पानी दें।

अक्सर बच्चे रात में बोतल मांगते हैं। लेकिन जब बच्चा सो जाए तो बोतल को हटा दें।

बच्चों के दांतों को लंबे समय तक मजबूत बनाने के लिए उनमें शुरू से ही अच्छी डेंटल हैबिट डालें। जैसे बच्चे को बचपन से ही ब्रश करना सिखाएं।

जब भी बच्चा फीड करे तो उसके बाद बच्चे के दांतों और मसूड़ों को पोंछने के लिए एक गीले कपड़े का उपयोग करें। यह दांतों और मसूड़ों पर निर्मित किसी भी बैक्टीरिया से बनने वाली पट्टिका और चीनी को हटाने में मदद करता है।