बाहुबली मुन्ना शुक्ला ने जदयू का छोड़ा साथ, लालगंज से निर्दलीय करेंगे नामांकन

बिहार मे विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बहुत तेज हो गयी है। राजनीति मे नेताओं का रूठना- मनाने का दौर भी खूब चल रहा है। इसी बीच खबर आ रही है कि बाहुबली मुन्ना शुक्ला ने जेडीयू से बगावत कर दिय़ा है। लालगंज से पूर्व विधायक रहे मुन्ना शुक्ला ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब वे लालगंज से निर्दलीय नामांकन करेंगे।

नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने इस बार बाहुबलियों से तौबा करने के प्रयास मे है। लालगंज सीट अभी तक जेडीयू के खाते में रही है। इस बार यह सीट बीजेपी के खाते में चला गया है। जेडीयू में रहते हुए लालगंज से बाहुबली मुन्ना शुक्ला चुनाव लड़ते रहे हैं। जेडीयू ने इस बार मुन्ना शुक्ला को टिकट नहीं दिया है। टिकट कटने से बाहुबली मुन्ना शुक्ला गुस्से में हैं। मुन्ना शुक्ला ने कहा कि लालगंज की जनता में काफी आक्रोश है और यदि जदयू की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो जदयू को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। सीएम नीतीश कुमार को उन्होंने सीधे चुनौती दे डाली है। उन्होने लालगंज से अब निर्दलीय ही अपना भाग्य आजमाने की कोशिश कर रहे है। उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार 7 दिन के लिए सीएम थे, तब से मैंने उनके साथ हूं। उन्होंने मेरे साथ धोखा किया है। भगवानपुर में अपने जनसंपर्क के दौरान मुन्ना शुक्ला ने कहा कि उन्हें अभी भी उम्मीद है कि जदयू उन्हें टिकट देगी लेकिन इस बार लालगंज विधानसभा सीट भाजपा कोटे में चली गई है।

गौरतलब हो कि लालगंज से मुन्ना शुक्ला की पत्नी अनु शुक्ला भी चुनाव लड़ी हैं। मुन्ना शुक्ला की गिनती कभी नीतीश के खास बाहुबलियों में होती थी। उनके इशारों पर जेल के अंदर भी महफिल सजती थी। मुन्ना शुक्ला का नाम मंत्री बृज बिहारी हत्याकांड में भी आया था। 2012 में मुन्ना शुक्ला जेल में बंद थे। इस दौरान भी उनका एक फिरौती में नाम नहीं आया था। ऐसे में उन्होंने यह तो साफ कर दिया है कि अगर उन्हें सम्मान नहीं मिला, तो निर्दलीय मैदान में उतर सकते हैं।

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