बैरिकेड से कूदीं प्रियंका गांधी, हाथ-पैर पकड़ उठा ले गए पुलिसकर्मी, देखिए तस्वीरें

कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को देशभर में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया. देश की राजधानी नई दिल्ली में खुद कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं ने इस प्रदर्शन की बागडोर संभाली. राजधानी नई दिल्ली में कांग्रेस सांसदों ने संसद भवन से अपना मार्च शुरू किया. इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई बड़े नेता भी शामिल हुए.कांग्रेस पार्टी के यह प्रोटेस्ट मार्च संसद भवन से राष्ट्रपति भवन की तरफ बढ़ा लेकिन दिल्ली पुलिस द्वारा इसे विजय चौक पर ही रोक दिया गया. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी सहित कांग्रेस पार्टी के सांसदों को हिरासत में ले लिया. इन सभी को दिल्ली पुलिस हिरासत में लेने के बाद किंग्सवे कैंप ले गई.

दूसरी तरफ कांग्रेस मुख्यालय से कांग्रेस के प्रदर्शन की कमान संभाली प्रियंका गांधी ने. प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो वह मुख्यालय के पास में लगाए गए बैरिकेड से कूद गईं. उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. दिल्ली पुलिस द्वारा फिर से रोके जाने पर प्रियंका गांधी सड़क पर बैठकर ही प्रदर्शन करने लगीं. इसके बाद दिल्ली पुलिस की महिला जवान उन्हें हाथ-पैर पकड़ उठा ले गईं. प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने के लिए दिल्ली पुलिस के जवानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. उनकी प्रदर्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल रही हैं.

काले रंग की सलवार-कमीज ओर दुपट्टा पहने प्रियंका गांधी जब कांग्रेस मुख्यालय के सामने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को लांघकर दूसरी तरफ पहुंचीं और सड़क पर धरने पर बैठ गईं, तब वहां मौजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘प्रियंका गांधी जिंदाबाद’ और ‘मोदी जब-जब डरता है, पुलिस को आगे करता है’ के नारे लगाए. बाद में पुलिस ने प्रियंका को हिरासत में ले लिया. प्रियंका गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता गैस सिलेंडर लेकर प्रधानमंत्री आवास की तरफ जाना चाहते थे.

पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि पुलिस को लगता है कि विपक्ष में जितनी भी जनता है उनको दबा सकते हैं. इनको लगता है कि दबाने के बाद हम चुपचाप से समझौता करके बस में बैठ जाएंगे. हम क्यों करें समझौता. हम एक मकसद से यहां हैं. इनके मंत्री कह रहे हैं इनको महंगाई नहीं दिखती. हम पीएम हाउस तक चलकर महंगाई दिखाने चाहते हैं. इतनी महंगाई है. गैस का सिलेंडर दिखाना चाहते हैं जो कोई खरीद नहीं सकता है. इतनी महंगाई है. चाहे गरीब हों या मिडिल क्लास के हों सब तरस रहे हैं सब तड़प रहे हैं और कोई कुछ न बोले. उनके लिए महंगाई है नहीं. उन्होंने तो पूरे देश की संपत्ति पूरे देश को दे दी है. दो चार लोग धनवान हो गए हैं, उनके महल बने हुए हैं लेकिन आम जनता परेशान है. सब्जी, दाल, आटा, चावल सबकुछ महंगा हो गया है.

महंगाई के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन से पहले पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने दावा किया कि ‘भारत में लोकतंत्र की मौत हो रही है’ तथा सिर्फ चार लोगों की तानाशाही है. उन्होंने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि जो डरता है वही धमकाता है तथा गांधी परिवार विचारधारा के लिए लड़ता है, इसलिए उस पर हमला किया जा रहा है.

राहुल गांधी ने यह दावा भी किया कि मौजूदा समय में देश की हर संस्था पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है और संस्थाओं के स्व़तंत्र नहीं होने से विपक्ष के संघर्ष का वह असर नहीं दिख रहा जो दिखना चाहिए. पार्टी के महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले उन्होंने कहा, “हिंदुस्तान में लोकतंत्र की मौत हो रही है. जो इस देश ने 70 साल में बनाया, उसे आठ साल में खत्म कर दिया गया. आज देश में लोकतंत्र नहीं है. आज चार लोगों की तानाशाही है. पूरा देश इसे जानता है.” राहुल गांधी ने कहा, “हम महंगाई, बेरोजगारी, समाज में हिंसा की स्थिति का मुद्दा उठाना चाहते हैं. हमें संसद के बाहर और भीतर बोलने नहीं दिया जाता है. सरकार दो-तीन बड़े उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है.”

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