अमेरिका में भारत के चीनी एप्स पर बैन के फैसले का हुआ स्वागत, कहा-इससे होगी राष्ट्र की सुरक्षा

स्मार्टफोन से चीन के एप्स की सफाई की जो शुरुआत भारत ने की है उसे अमेरिका का समर्थन मिला है। अमेरिका में भी अब भारत की तरफ चीनी एप्स को प्रतिबंधित करने की मांग उठने लगी है। चीन से जुड़े 59 ऐप को भारत द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए अमेरिका के कुछ सांसदों ने अपनी सरकार से भी चीनी एप टिक टॉक पर प्रतिबंध लगाने की अपील की है। जानकारों का कहना है कि ऐसा करने से देश की संप्रभुता की रक्षा होगी।

अमेरिका में कुछ सांसदों का कहना है कि छोटे-छोटे वीडियो शेयर करने वाले ऐप किसी भी देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे में उनकी अपनी सरकार से अपील है कि वह भारत की तरह कुछ कदम उठाये। गौरतलब है सोमवार को भारत सरकार ने टिक टॉक समेत 59 चीनी एप्स को पूर्ण बैन कर दिया था। भारत का यह कदम सीमा पर चीन के साथ चल रहे हिंसक तनाव के बाद लिया गया है। देश में चीनी बहिष्कार की मुहिम भी तेजी से चल रही है।

भारत के आईटी मंत्रालय ने 59 चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगाने की वजह बताते हुए कहा था कि उसे विभिन्न स्रोतों से एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप के दुरुपयोग के बारे में शिकायतें मिली है। जिनकी मदद से देश के लोगों का निजी डाटा चुराकर, उन्हें गुपचुक तरीके से भारत के बाहर स्थित सर्वर को भेजा जा रहा है। बयान में कहा गया कि ये एप्स देश की सम्प्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

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