Uric Acid को कंट्रोल करने में मददगार है केला और ग्रीन-टी, डाइट में शामिल करने का तरीका भी जान लीजिये

शरीर के जोड़ों और टिश्यूज में यूरिक एसिड की अधिकता से कई लोगों को गाउट नाम की बीमारी हो जाती है। इस बीमारी में लोगों को पैर के अंगूठे के पास सूजन के साथ पूरे पैर में दर्द की शिकायत भी होती है। इसके अलावा, यूरिक एसिड बढ़ने से शरीर के कई हिस्से प्रभावित होते हैं। इनमें जोड़ों में दर्द, सूजन और किडनी संबंधी बीमारी आम है। यूरिक एसिड एक ऐसा केमिकल है जो शरीर में तब बनता है जब शरीर प्यूरीन (purine) नामक केमिकल का संसाधन करता है यानि उसको छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ता है। ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी है कि शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा कम रहे इसके लिए किन चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।

केले का इस्तेमाल: केला पोटाशियम का एक समृद्ध स्रोत है। इसमें मौजूद पोटाशियम यूरिक एसिड को पेशाब के माध्यम से बाहर निकालने में मदद करता है। इसके साथ ही केला में प्रोटीन की मात्रा कम होती है, बता दें कि यूरिक एसिड की शरीर में अधिकता होने पर कम प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ खाने की सलाह दी जाती है। वहीं, केला खाना यूरिक एसिड के क्रिस्टलाइजेशन को रोकने में भी सहायक है। इसके अलावा, डॉक्टर्स गठिया के मरीजों को भी केला खाने की सलाह देते हैं।

ग्रीन टी है फायदेमंद: शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को कम करने में ग्रीन टी का नियमित सेवन भी लाभदायक होता है। ये हाइपरयूरिसेमिया यानि कि हाई यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में सक्षम है। साथ ही, ग्रीन टी पीने से गाउट जैसी बीमारी का खतरा भी कम होता है। ग्रीन टी बॉडी में यूरिक एसिड का स्तर नियंत्रित करती है। इसके साथ ही जो लो दिन में 2 बार ग्रीन टी पीते हैं उन्हें गठिया होने का खतरा भी कम होता है।

क्यों बढ़ जाता है यूरिक एसिड: प्यूरीन नाम का एक प्रोटीन कई खाद्य सामग्री में मौजूद होता है जिसे खाने से शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता होती है। ये मशरूम, गोभी, टमाटर, रेड मीट, सी फूड, दाल, राजमा में मौजूद होता है। इसके अलावा, अधिक मोटे लोगों में दूसरों की तुलना में यूरिक एसिड ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। मोटापा शरीर में कई हार्मोनल बदलाव लाता है जिससे यूरिक एसिड की अधिकता हो जाती है। कई दवाइयों के सेवन से भी शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता होती है। डायबिटीज के मरीजों में यूरिक एसिड बढ़ने की ज्यादा संभावना होती है क्योंकि इस बीमारी की दवाओं के इस्तेमाल से भी यूरिक एसिड बढ़ता है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर की दवाएं, पेन किलर्स और कैंसर रोधी दवाएं खाने से भी यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है।

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