बेटविनर न्यूज़ और शाकिब अल हसन के बीच डील की जांच करेगा बीसीबी

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) शाकिब अल हसन की एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट की जांच करेगा जिसमें उन्होंने “बेटविनर न्यूज़” नामक कंपनी के साथ अपनी साझेदारी की घोषणा की थी। गुरुवार को बोर्ड की बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान, बीसीबी के अध्यक्ष नज़मुल हसन ने कहा कि वे शाकिब को इस सौदे की जानकारी नहीं देने के लिए नोटिस देंगे।

बांग्लादेश के मौजूदा कानून जुए की सुविधा देने वाले किसी भी सभा या प्रतिष्ठानों पर कड़े प्रतिबंध लगाता है। जुए के कारोबार को काम करने देना कानून के साथ-साथ देश के संविधान का भी उल्लंघन है। बांग्लादेश के ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ तीसरा टी20 मैच हारने के तुरंत बाद शाकिब ने मंगलवार को ट्विटर पर यह घोषणा की थी। शाकिब ने शुरू में ट्वीट को डिलीट कर दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने इसे दोबारा पोस्ट कर दिया।

हसन ने कहा, ‘शाकिब के ताज़ा सौदे के बारे में गुरुवार की बैठक में चर्चा हुई। हमने उन्हें नोटिस देने का निर्देश दिया है। ताकि इस मामले पर उनसे पूरी जानकारी प्राप्त की जा सके। यदि यह सट्टेबाजी से संबंधित है तो बोर्ड इस डील की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने निश्चित रूप से हमसे अनुमति नहीं मांगी है। बांग्लादेश का कानून इसकी अनुमति नहीं देता है। यह एक गंभीर मुद्दा है। हालांकि हम केवल एक फेसबुक पोस्ट (एसआईसी) पर भरोसा नहीं कर सकते हैं, इसलिए हमें इसके बारे में पता लगाने के लिए जांच करनी होगी।”

ढाका स्थित बंगाली अख़बार कालेर कंठो के साथ एक साक्षात्कार में बीसीबी के मुख्य कार्यकारी निज़ामुद्दीन चौधरी ने भी कहा कि वे शाकिब से स्पष्टीकरण मांगेंगे। उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल स्पष्ट है कि ये समाचार पोर्टल क्यों बनाए गए हैं। हम सभी अच्छी तरह से जानते हैं कि ये क्या हैं। शाकिब ने हमें अपने सौदे के बारे में सूचित नहीं किया। हमने आज (बुधवार) इसके बारे में सुना। हम इसे कानूनी रूप से भी देख रहे हैं, और मामले को जल्दी सुलझाना चाहते हैं।””

यह एक सट्टेबाजी साइट के साथ सीधा अनुबंध नहीं है, लेकिन यह सट्टेबाजी साइट से संबंधित है। यह एक समाचार पोर्टल है। चूंकि सट्टेबाजी इससे संबंधित है, इसलिए हमें इसके कानूनी पक्ष की जांच करनी होगी। देश का कानून सट्टेबाजी की अनुमति नहीं देता है, इसलिए हम वही करेंगे जो कानूनी रूप से आवश्यक है। अगर वह (शाकिब) समझता है कि यह क्या है, तो यह आसान होगा। अगर वह नहीं समझता है, तो यह जटिल हो जाएगा। हमारी छवि ख़राब होने की बात है। हर चीज़ में गुण और दोष हैं। उसने शायद इसके ख़राब पक्ष के बारे में नहीं सोचा।”

संयोग से शाकिब को खेल में सट्टेबाजी से उत्पन्न भ्रष्ट क्रियाकलापों की रिपोर्ट करने में विफल रहने के लिए पहले अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। भ्रष्टाचार विरोधी संहिता के उल्लंघन के तीन आरोपों को स्वीकार करने के बाद 2019 में उन्हें आईसीसी के द्वारा एक साल के लिए सभी क्रिकेट से प्रतिबंधित कर दिया गया था।

उन पर 2019 की त्रिकोणीय श्रृंखला के दौरान भी उनसे भ्रष्ट क्रियाकलापों में शामिल होने के लिए कहा गया था और शाकिब ने इस बात की रिपोर्ट नहीं की थी। इसके कारण भी उन्हें सजा मिली थी। इसके अलावा 2018 में सनराइज़र्स हैदराबाद और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच एक आईपीएल मैच के दौरान भी उन्हें ऐसे ही क्रियाकलापों के लिए संपर्क किया किया गया था लेकिन वहां भी शाकिब ने प्रशासकों को ससमय इसके बारे में कुछ नहीं बताया था।

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