सेहत के लिए बहुत लाभदायक होते है जामुन की गुठली

खाने में स्वादिष्ट होने के साथ ही जामुन के फल में कई सारे औषधीय गुण भी हैं। जामुन में लगभग वे सभी आवश्यक लवण पाए जाते हैं जिनकी शरीर को जरूरत होती है। इस फल में बहुत ही भरपूर मात्रा में ग्लूकोज, फ्रुक्टोज, लौह और फास्फोरस बहुतायत मात्रा में होता है। जामुन में कोलीन तथा फोलिक एसिड भी मौजूद होता है। जामुन मधुमेह (डायबिटीज), पथरी, लीवर, तिल्ली और खून की गंदगी को पूरी तरह दूर करता है। यह मूत्राशय में जमी पथरी को निकालता है। तो आइये जानते है जामुन से होने वाले सभी फायदों के बारे में….

# जामुन की सूखी गुठलियों को तकरीबन 5-6 ग्राम की मात्रा में ताजे पानी के साथ दिन में दो या तीन बार सेवन करने से मधुमेह रोग में बहुत अधिक लाभ होता है।

# 30 ग्राम जामुन की नई कोपलें (पत्तियां) और 5 काली मिर्च, पानी के साथ पीसकर सुबह-शाम पीने से मधुमेह रोग में अत्यधिक लाभ होता है।

# जामुन की गुठलियों को छाया में पूरी तरह सुखाकर, कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को रोजाना सुबह-शाम तकरीबन 3-3 ग्राम की मात्रा में पानी के साथ सेवन करने से मधुमेह में अत्यधिक लाभ होता है।

# जामुन की गुठली का चूर्ण और सूखे करेले का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर इसे रख लें। तकरीबन 3 ग्राम चूर्ण रोजाना सुबह-शाम पानी के साथ सेवन करने से मधुमेह के रोग में अत्यधिक फायदा होता है।

# जामुन की भीतरी छाल को जलाकर पूरी तरह भस्म (राख) बनाकर रख लें। इसे रोजाना तकरीबन 2 ग्राम पानी के साथ सेवन करने से मूत्र में शर्करा बहुत कम होता है।