रक्तदान से हीमोग्लोबिन में नहीं आती है कोई कमी

ब्‍लड डोनेट करना आज कई कारणों से बहुत जरूरी होता जा रहा है. इससे न केवल आप दूसरों को नया जीवन देते हैं बल्कि समय आने पर अपने लिए ब्‍लड की जरूरत को भी पूरा करते हैं. कई लोगों को रक्‍तदान के बाद चक्‍कर आना या उल्‍टी आने जैसी समस्‍याओं का भी सामना करना पड़ता है. जिस कारण कुछ लोग ये मानते हैं कि इसके बाद शरीर में बहुत  कमजोरी आ जाती है. पर ब्‍लड डोनेट करने के बाद यह 21 दिन में यह दोबारा बन जाता है. रक्‍तदान करने को लेकर अगर आप अपनी कुछ गलतफहमियों को तुरंत दूर करना चाहते हैं तो ये टिप्‍स जरूर पढ़ें…

क्‍तदान के बाद हर 3 घंटे के अंतराल पर हैवी डाइट लेते रहें. पौष्टिक आहार लें और जितना ज्यादा हो सके फल खाएं.

अकसर रक्‍तदान के बाद रक्‍तदाता को कुछ स्‍नैक्‍स दिए जाते हैं, जैसे जूस, चिप्‍स आदि, इन्‍हें नही खाये.

अगर आप रक्‍तदान करने की सोच रहे हैं तो इससे एक दिन पहले धूम्रपान करना अवश्य बंद कर दें. रक्‍तदान के 3 घंटे बाद ही धूम्रपान करें.

रक्‍तदान के 48 घंटे पहले अगर आपने शराब का सेवन किया है तो आप रक्‍तदान नहीं करे.

रक्‍तदान के बाद अगर आप तरल पदार्थ लेते रहें और हेल्‍दी डाइट लें तो आपको कमजोरी विल्कुल महसूस नहीं होगी.

रक्‍तदान के बाद आप अपनी सामान्‍य दिनचर्या को दोबारा पा सकते हैं बशर्ते आप इसके 12 घंटे बाद तक कोई हैवी एक्‍सरसाइज न करें. खून देने के तुरंत बाद ही चहलकदमी न करें, शरीर में खून के संचार को सामान्य होने तक इंतिजार करे.

रक्‍तदान का मतलब ये नहीं है कि आपके शरीर में खून की कमी होगी, बल्कि आप कुछ ही दिनों में दान दिए रक्‍त को दोबारा पा भी सकते हैं. रक्‍तदान के दौरान आपको किसी भी प्रकार का दर्द नहीं होगा .

रक्‍तदान के बाद न ही आपको चक्‍कर आएगा और न ही आप बेहोश होंगे. ये एक ग़लतफ़हमी है जो अकसर लोगों को होती है. साथ ही इसके बाद आपको एड्स होने की कोई संभावना भी नहीं है.

किसी भी व्‍यक्ति के शरीर से एक बार में 471एमल रक्‍त हीं लिया जा सकता. रक्‍तदान करने से आपके हीमोग्लोबिन में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आती है.

कोई भी हेल्‍दी व्‍यक्ति रक्‍तदान कर सकता है. एक पुरुष 3 माह में एक बार वहीं एक महिला हर 4 माह में एक बार ब्‍लड डोनेट अवश्य कर सकता है।