8 साल बाद भी अनसुलझा है ब्रह्मेश्वर मुखिया मर्डर केस, आज ही के दिन हुई थी हत्या

रणवीर सेना सुप्रीमो ब्रह्मेश्वर मुखिया की हत्या को आज 8 साल हो गए हैं। लेकिन 8 साल बाद भी ब्रह्मेश्वर मुखिया मर्डर केस अनसुलझा है। अभी तक सीबीआई किसी भी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।

बिहार में एक समय ऐसे हालात थे जब जातीय नरसंहार आम बात होती थी। जातीय संघर्ष के नाम पर मारकाट मची हुई थी। नक्सली जब जहां चाहें वहां लोगों की हत्या कर रहे थे। ऐसे में कई किसानों के समर्थन से ब्रह्मेश्वर मुखिया ने सितंबर 1994 में रणवीर सेना का गठन किया।

ब्रह्मेश्वर मुखिया को उस वक्त तक 277 लोगों की हत्या और उनसे जुड़े 22 अलग-अलग मामलों का आरोपी बनाया गया लेकिन कई मामलों में साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें बरी करना पड़ा।

9 साल जेल की सजा काटने के बाद आठ जुलाई 2011 को उनकी रिहाई हुई। जेल से छूटने के बाद ब्रह्मेश्वर मुखिया ने 5 मई 2012 को अखिल भारतीय राष्ट्रवादी किसान संगठन के नाम से संस्था बनाई और कहा कि वो मुख्यधारा में आकर अब किसानों के हित की लड़ाई लड़ेंगे। इसके एक महीने बाद ही उनकी हत्या कर दी गई।

ब्रह्मेश्वर मुखिया मर्डर केस में कई बड़े लोगों का नाम सामने आया। लेकिन अभी तक यही पता नहीं चला कि ब्रह्मेश्वर मुखिया पर गोली चलाने वाले हमलावर कौन थे। ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांड की गुत्थी 8 साल बाद आज भी उलझी हुई ही है।

यह भी कहा जाता है की रणवीर सेना सुप्रीमो ब्रह्मेश्वर मुखिया के प्रभाव के कारण बिहार में कोई नक्सली बनना ही नहीं चाहता था।

यह भी पढ़ें:

राज्य सभा की 18 सीटों के लिए 19 जून को होंगे चुनाव, एमपी में बीजेपी से ज्योतिरादित्य सिंधिया मैदान में

पीएम मोदी ने की वीडियो ब्लॉगिंग प्रतियोगिता की घोषणा: जीत सकते हैं 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि