इस्तीफा देने के बाद भावुक हुए बीएस येदियुरप्पा

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आज येदियुरप्पा सरकार के दो साल पूरे हुए थे। आज आयोजित कार्यक्रम में येदियुरप्पा ने अपने दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियों के बारे में बताने के बाद कहा कि मैंने इस्तीफा देने का फैसला लिया है।

येदियुरप्पा ने आज राजभवन में राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलकर उनको अपना इस्तीफा सौंपा। राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राज्यपाल ने नए मुख्यमंत्री के शपथ लेने तक येदियुरप्पा को केयरटेकर सीएम बने रहने को कहा है।

आज विधानसभा में अपनी सरकार के दो साल पूरा होने के मौके पर बोलते हुए येदियुरप्पा इस्तीफे की बात पर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि ये दो साल कोरोना की वजह से मेरे लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नही था, लेकिन हमने मेहनत से काम किया। येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद कर्नाटक का नया मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर अब सभी की निगाहें लगी हैं।

कर्नाटक में बड़े लिंगायत नेता के तौर पर पहचान रखने वाले 78 साल के बीएस येदियुरप्पा 16 जुलाई को दिल्ली पहुंचे थे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्‌डा, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। इन मुलाकातों के बाद से ही येदियुरप्पा के इस्तीफे की अटकले लग रही थीं।

हालांकि येदियुरप्पा लगातार ये कह रहे थे कि दिल्ली में उनकी इस्तीफे को लेकर कोई बात नहीं हुई है। रविवार शाम को भी उन्होंने कहा था कि आलाकमान ने अभी तक कुछ नहीं कहा है। सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर सोमवार को कार्यक्रम है। यहां मैं उन दो साल की उपलब्धियों के बारे में बताऊंगा। उसके बाद आपको आगे की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद आज उन्होंने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। उन्होंने कड़ी मेहनत कर 2023 में कर्नाटक में भाजपा को सत्ता में वापस लाने की बात भी कही है।

बता दें कि 2019 में कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार के कई विधायकों के इस्तीफा देकर भाजपा में आ जाने के बाद ये सरकार गिर गई थी। इसके बाद बीजेपी ने सरकार बनाई थी और बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बने थे।

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