इन उपाय को अपनाकर स्तनों में पर्याप्त दूध नहीं बनने से पा सकते हैं छुटकारा

इस बात से तो हम सभी वाकिफ हैं कि मां का दूध बच्चे के लिए सर्वोत्तम आहार होता है। इससे बच्चे का न सिर्फ संपूर्ण विकास होता है, बल्कि उसे बीमारियों से लड़ने की शक्ति भी प्राप्त होती है। लेकिन जिन महिलाओं के स्तनों में पर्याप्त दूध नहीं बनता, वे बच्चे को डिब्बे का दूध पिलाना शुरू कर देती हैं। पर वास्तव में आपको ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है। आज हम आपको ऐसे कुछ तरीके बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप अपने स्तनों में दूध के प्रवाह को बेहतर बना सकती हैं। आईए जानें-

शायद आपको पता न हो लेकिन सौंफ स्तनों के दूध की मात्रा को बढ़ाने में सहायक है। सौंफ का सेवन करने के लिए एक कप गर्म पानी में एक चम्मच सौंफ मिलाएं। अब इस कप को आधे घंटें के लिए ढककर रख दें। आधे घंटे बाद पानी को छानकर पीएं। इस पानी को कम से कम एक महीने के लिए दिन में दो बार अवश्य पीएं। अगर आप चाहें तो सौंफ के दानों को अपने भोजन में भी शामिल कर सकती हैं।

बच्चों को फीड कराने से पहले स्तनों पर वार्म कंप्रेस करने से ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से होता है और आपका बच्चा भी पेट भरकर दूध पी पाता है। वार्म कंप्रेस करने के लिए आप सबसे पहले ब्रेस्ट पर पांच मिनट मसाज करें। इसके बाद आप एक साफ कपड़ा लेकर उसे हल्के गर्म पानी में डुबोएं व हल्के हाथों से निपल्ल एरिया पर उस कपड़े की सहायता से मसाज करें। दस मिनट मसाज करने के बाद आप अपने बेबी को आसानी से स्तनपान करा सकती हैं।

मेथीदाने की मदद से भी स्तनों के दूध की मात्रा में इजाफा किया जा सकता है। दरअसल, मेथीदानों में फाइटोएस्ट्रोजन नामक तत्व मौजूद होता है जो स्तन ग्रंथियों को प्रोत्साहित करता है। इसके लिए आप एक चम्मच मेथीदानों को एक कप पानी में रात को भिगो दें। अगली सुबह इस पानी को 3−5 मिनट के लिए उबालें। अब पानी को छान लें और इसे पीएं। बेहतर परिणाम के लिए इस पानी का सेवन प्रतिदिन करें।

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