अगरबत्ती के धुएं से निकलने वाली कार्बनमोनो ऑक्साइड शरीर में जाकर फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है

आजकल हर कोई पूजा-पाठ के लिए धूपबत्‍ती और अगरबत्ती का प्रयोग करता है। ऐसा माना जाता है कि इसे जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। लेकिन क्या आप जानते है कि धूपबत्‍ती और अगरबत्ती का धुआं सिगरेट के धुएं से भी ज्यादा खतरनाक होता है। इसमें पाए जाने वाले पॉलीएरोमैटिक हाइड्रोकार्बन अस्थमा, कैंसर, सरदर्द और खांसी जैसी बीमारियों का कारण बन सकते है। आज हम आपको बताएंगे धूपबत्‍ती और अगरबत्ती का धुआं हमारे लिए कैसे नुकसानदायक है।
इसमें नाइट्रोजन और सल्फर डाईऑक्साइड की गैस होती है जो सेहत के लिए नुकसानदायक है। इससे सांस लेने में तकलीफ होती है और आपको अस्थमा जैसी प्रोब्ल्र्म का सामना भी करना पड़ सकता है।
अगरबत्ती के धुएं से निकलने वाली कार्बनमोनो ऑक्साइड शरीर में जाकर फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है। इसके वजह से आपको फेफड़ों के रोग, जुकाम और कफ की प्रॉब्लम का सामना करना पड़ सकता है।
इसके धुएं में लगातार सांस लेने से दिल की कोशिकाएं सिकुड़ने लगती है जिससे आपको हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।