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सम्पादकीय

ऐसे करें स्पेशल नीड वाले बच्चों की विशेष प्रकार की देखभाल

स्पेशल नीड वाले बच्चों को जन्म से ही अपने माता-पिता की विशेष प्रकार की देखभाल की आवश्यकता होती है। इसका कारण है कि वे आम बच्चों की तरह अपने कार्य स्वयं करने में पूरी तरह सक्षम नहीं होते हैं। उन्हें किसी सहारे की आवश्यकता होती है। कुछ बच्चे जन्म से ही मानसिक रूप से विकलांग होेते हैं। वे न बोल …

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मनुष्य अपनी स्वयं की शक्ति व कमजोरी को भली-भाँति जानता है!

मनुष्य अपनी स्वयं की शक्ति व कमजोरी को भली-भाँति जानता है। उससे बढ़कर और कोई बेहतर तरीके से उसे जान-समझ नहीं सकता। इसलिए जैसा वह चाहता है उसे स्वयं ही अपने रास्ते का चुनाव कर लेना चाहिए। मनुष्य यदि साहसी है तो वह अपने लिए चुनौतियों भरी कठिन डगर चुनेगा। उस पर जगल के राजा शेर की तरह गर्व से …

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मौजूदा नीतियां ऑनलाइन सुरक्षित अहसास कराने में नाकाम

एशिया प्रशांत में नीति से संबंधित मुद्दों पर इंटरनेट सोसाइटी सर्वेक्षण की हाल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑनलाइन सुरक्षा एक ऐसा क्षेत्र है जिसपर नीति निर्माताओं को शीघ्र सबसे ज्यादा ध्यान देने  की जरूरत है। सर्वेक्षण में इस पूरे क्षेत्र से तकरीबन 2000 अंतिम उपयोगकर्ताओं ने हिस्सा लिया और मौजूदा इंटरनेट नीति से संबंधित मुद्दे पर उनसे राय …

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मनुष्य को स्वावलम्बी बनकर, अपने ऊपर पूरी तरह से विश्वास रखना चाहिए

अपना जीवन जीने के लिए आखिर किसी दूसरे के सहारे की कल्पना करना व्यर्थ है। किसी को बैसाखी बनाकर कब तक चला जा सकता है? दूसरों का मुँह ताकने वाले को एक दिन धोखा खाकर, लड़खड़ाकर गिर जाना पड़ता है। उस समय उसके लिए सम्हलना बहुत कठिन हो जाता है। बचपन की बात अलग कही जा सकती है। उस समय …

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मानव जीवन में हार-जीत अथवा सफलता-असफलता का चक्र हमेशा चलता रहता है

मनुष्य को अपने बाहूबल पर पूरा भरोसा होना चाहिए। यदि उसे स्वयं पर विश्वास होगा तो वह किसी भी तूफान का सामना बिना डरे या बिना घबराए कर सकता है। वैसे तो ईश्वर मनुष्य को वही देता है जो उसके पूर्वजन्म कृत कर्मों के अनुसार उसके भाग्य में लिखा होता है। परन्तु फिर भी जो व्यक्ति स्वयं ही अपनी शक्ति …

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शिक्षा की भूमिका और हमारा देश

‘ज्ञानम् मनुजस्य तृतीयम् नेत्रम्”, वैदिक काल से ही शिक्षा को वह प्रकाश माना गया है जो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को प्रकाशित करने का सामर्थ्य रखता है | यह एक निर्विवाद सत्य है कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र या समाज की प्राणवायु है , उसकी प्रेरणा है ,उसकी ऊर्जा है और किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसके द्वारा हासिल किए …

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क्या ट्रेड यूनियनों का हड़ताल सरकार की नीति बदल सकती है ?

जवाब मिला-जुला हो सकता है। ‘हाँ’ वाले यह बताने में नाकाम रहते हैं कि कब और कैसे सरकार को अपने अनुकूल कर लेंगे ? आज पूरे भारत में ग्यारह ट्रेड यूनियन हड़ताल रूपी प्रक्रिया के हिस्सा हैं। इस बारे में कुछ बड़बोले पत्रकार काफी कुछ लिख चुके हैं। बीबीसी के एक खबर के मुताबिक़ इसका व्यापक असर केरल और कर्नाटक …

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वैश्वीकरण का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

दुनिया के सभी देशों का सामाजिक,आर्थिक,सांस्कृतिक आदि के आधार पर एक-दूसरे से जुड़ने की प्रक्रिया वैश्वीकरण का मोटे तैर पर अर्थ है। डेविड हेल्ड इसका परिभाषा परस्पर निर्भरता के रूप में करते हैं,क्योंकि सामाजिक और आर्थिक संबंधों ने दुनिया को बाँध दिया है। आज विश्व में वैश्वीकरण के प्रति कई दृष्टिकोण हैं,जो इसके स्वरुप,परिणाम और प्रभाव का विशद् विवेचना करते …

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फसल बीमा योजना एक महत्वाकांक्षी योजना है

किसानों के कल्याण के लिए मोदी सरकार का यह एक महत्वाकांक्षी योजना है। सरकार द्वारा ऐसा दावा किया जा रहा है कि इस नए फसल बीमा में पुरानी सभी योजनाओं के अच्छे पहलू को शामिल किया गया है साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि उन योजनाओं में जो खामियां रह गयी थी उसे दूर करने का प्रयास किया गया है। …

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