बिहार मे बाढ़ और बारिश से हुए जान-माल क्षति के आकलन के लिए केन्द्रीय टीम ने किया दौरा

बाढ़ और बारिश के वजह से बिहार के विभिन्न जिलों मे की हुए जान-माल क्षति के आकलन के लिए गुरुवार को केन्द्रीय टीम ने दौरा किया। इस दौरान बिहार के मुजफ्फरपुर, दरभंगा और गोपालगंज जिले में केंद्र सरकार की दो सदस्यीय टीम ने सर्वेक्षण किया। मुजफ्फरपुर कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बाढ़ के कारण जिले के कृषि क्षेत्र में लगाए गए कुल फसल का 67.75 प्रतिशत हिस्सा बर्बाद होने की जानकारी दी। जिले में एक लाख 8 हजार हेक्टेयर में 146.47 करोड़ रुपए की फसल क्षति होने की जानकारी दी गई है। डीएम ने बताया कि जिले के 15 प्रखंड के कुल 287 पंचायत और 3156 गांवों की कुल 2266565 जनसंख्या बाढ़ से प्रभावित हुई है। गृह क्षति का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। बाढ़ में डूबने से 6 लोगों के साथ 15 पशु की मौत हुई है। कुल प्रभावित कृषि क्षेत्रफल 108532.88 हेक्टेयर है। बाढ़ के कारण कुल 655 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई है।

गुरुवार को बाढ़ निरोधक एवं बाढ़ राहत कार्य का जायजा लेने केंद्र की टीम दरभंगा हवाई अड्डे पर पहुंची। टीम मे पीयूष गोयल (संयुक्त सचिव, गृह विभाग, भारत सरकार) के नेतृत्व में 03 सदस्यों सहित आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार के अपर सचिव एम. रामचन्द्रुडू भी शामिल थे। केंद्रीय टीम ने स्थिति का आकलन करने के लिए प्रभावित चार प्रखंडों में सर्वेक्षण किया।

दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने केन्द्रीय टीम को पी.पी.टी. के माध्यम से दरभंगा जिले में आई बाढ़ के दौरान किये गए बाढ़ निरोधक कार्य एवं बाढ़ राहत कार्य से अवगत कराते हुए कहा कि बाढ़ से कुल 20.82 लाख जनसंख्या प्रभावित रहा। 22 जुलाई 2020 से जिले में बाढ़ आई और कुल 18 में से 15 प्रखण्ड के 231 पंचायत बाढ़ प्रभावित हुए, जिनमें 181 पंचायतें पूर्णतः एवं 50 पंचायतें अंशतः प्रभावित रही। उन्होने आगे कहा कि बाढ़ प्रभावित 61068 परिवारों को पॉलिथिन शीट्स उपलब्ध कराया गया, 23 हजार लोगों को ड्राई फूड पैकेट्स उपलब्ध कराया गया। बाढ़ के दौरान 634 सामुदायिक किचन चलाए गए, जिनमें 56 लाख 79 हजार 520 लोगों को सुबह-शाम भोजन कराया गया। अभी भी 06 सामुदायिक किचन चलाए जा रहें हैं, जिनमें 3982 लोगों को सुबह-शाम भोजन कि व्यवस्था कि जा रही है।