सर्वाइकल कैंसर के लक्षण और बचाव

सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला कैंसर है, इसके लिए सबसे अधिक जिम्‍मेदार कारक अस्‍वस्‍थ जीवनशैली है। भारत में जागरूकता और इलाज की कमी की वजह से सर्वाइकल कैंसर बहुत जानलेवा साबित हो रही है। सर्वाइकल कैंसर का पता देरी से चल पाने के कारण इसके मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। हाल ही में हुए एक शोध में बताया गया है कि 10 में 1 महिला सर्वाइकल कैंसर की शिकार है। आज हम आपको इस बीमारी के कुछ लक्षण बताएंगे, जिससे आप इस बीमारी से बच सकती है।

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण और बचाव
1. असामान्य रक्तस्राव
शारीरिक संबंध और मीनोपॉज के बाद अधिक रक्तस्राव या फिर तेज दर्द होना सर्वाइकल कैंसर का महत्वपूर्ण सकेंत हो सकता है।

2. वाइट डिस्चार्ज
योनि में वाइट डिस्चार्ज की समस्या को छोटी समझ कर महिलाएं इग्नोर कर देती है लेकिन यह सर्वाइकल कैंसर का गंभीर सकेंत हो सकता है।

3. पेडू का दर्द
आमतौर पर मासिक धर्म की समस्या में महिलाओं को पेडू का दर्द नहीं होता। योनि में अचानक हल्का या तेज दर्द सर्वाइकल का महत्वपूर्ण सकेंत होता है।

4. यूरिन के समय दर्द
यूरिन थैली या पेशाब करते समय दर्द होने का मतलब है कि कैंसर आपकी यूरिन थैली तक पहुंच गया है। ऐसा में आपको तुरंत डॉक्टर से जांच अवश्य करवानी चाहिए।

5. पीरियड्स में स्‍पॉटिंग
पीरियड्स में स्‍पॉटिंग या संबंध बनाते समय अचानक रक्तस्राव होना गर्भाशय ग्रीवा में जलन के कारण होता है, जो कि सर्वाइकल कैंसर का आवश्यक लक्षण है।

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