मुख्य आरक्षी ने खुद को गोली से उड़ाया, पत्नी भी नहीं बता पाई आत्महत्या के पीछे कोई कारण

सौ फुटा मार्ग कालिंदी विहार स्थित बिहारी कुंज में शुक्रवार की अल सुबह मुख्य आरक्षी चालक 59 वर्षीय कुबेर सिंह यादव ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। अपने घर में रात में सभी के सोने के बाद अचानक कुबेर सिंह से आत्महत्या जैसा कदम उठाया। जानकारी के मुताबिक कुबेर सिंह ने लाइसेंसी राइफल से ठोढ़ी के पास नाल रखकर गोली चलाई जिससे की गोली आर-पार हुई और सिर के परखच्चे उड़ गए।

गोली छत से टकराई। गोली की आवाज सुनकर पत्नी की नींद खुली। खुदकुशी की वजह साफ नहीं हो सकी है।पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि मूल रूप से राजा का नगला, इटावा निवासी मुख्य आरक्षी चालक वर्तमान में ट्रैफिक लाइन में तैनात थे। क्रेन चला रहे थे। सुबह नौ से रात नौ बजे तक उनकी ड्यूटी रहती थी।

उनके चार बच्चे हैं। तीन बेटियां व एक बेटा। सभी की शादी हो चुकी है। बेटा इंजीनियर है। लखनऊ में तैनात है। रात करीब साढ़े तीन बजे गोली की आवाज सुनकर पत्नी चंद्रकांति की नींद खुली। वह घबरा गईं। उस समय घर पर बेटी पूजा, भतीजी व 11 वर्षीय भतीजा कृष्णा मौजूद थे। सभी जाग गए।

परिजनों ने गोली की आवाज सुनने के बाद कमरे में जाने पर कुबेर सिंह यादव का खून से लथपथ शव देखा। यह देख घरवालों की चीख निकल गई। सूचना पर आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। इंस्पेक्टर एत्मादुद्दौला विनोद यादव ने बताया कि मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस छानबीन कर रही है। गोली लाइसेंसी राइफल से चलाई गई थी।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने पत्नी और अन्य परिजनों से आत्महत्या का कारण पता लगाने की कोशिश की लेकिन किसी को भी इसका अंदाजा नहीं था। वहीं पुलिस आस-पास के लोगों से भी पता लगा रही है कि इसके पीछे कोई विवाद या क्या कारण रहा।

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