CM नीतीश कुमार का नया चुनावी दांव, बोले- आरक्षण आबादी के अनुरूप मिले

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने जनसंख्या-आधारित आरक्षण का समर्थन किया है। वाल्मीकिनगर में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने गुरुवार को कहा कि जनगणना के आंकड़े उपलब्ध होने के बाद इसे लागू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जहां तक संख्या का सवाल है, जनगणना होगी तब उसके बारे में निर्णय होगा। यह निर्णय हमारे हाथ में नहीं है। उन्होंने पहले भी कई अवसरों पर कहा है कि सभी जातियों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण मिलना चाहिए।

सीएम नीतीश ने कानून और व्यवस्था पर अपने रिकॉर्ड को लेकर राजद पर हमला किया, और तेजस्वी यादव के 10 लाख नौकरियों के वादे पर तंज कसा। उन्होंने बार-बार लोगों को बताया कि उनकी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार के विकास के लिए काम किया है।

नीतीश कुमार ने बतलाया कि जब लालू राबड़ी की सरकार थी, तो उन्होने सिर्फ 95,000 लोगों को नौकरी दी, जबकि हमारे 15-शासन के दौरान छह लाख लोगों को नौकरी मिली और अन्य काम के अवसर भी उपलब्ध हुए।

नितीश कुमार ने कहा कि पहले जंगलराज था लेकिन उनकी सरकार ने अपराध को नियंत्रित किया और कानून व्यवस्था को स्थापित किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने समाज के सभी वर्गों के लिए न्याय सुनिश्चित किया है।

7 नवंबर को वाल्मीकिनगर लोकसभा सीट के उपचुनाव में वोट पड़ेंगे। यहां से जदयू के सांसद बैद्यनाथ महतो की मृत्यु के कारण उपचुनाव हो रहे हैं। दिवंगत वैद्यनाथ महतो के बेटे सुनील कुमार को जदयू ने इस सीट से उम्मीदवार बनाया है।